रीवा में जलभराव का संकट बरकरार; 8 दिन से घरों में कैद लोग, मोटर लगी पर पानी नहीं निकला

रीवा के वार्ड नंबर 10 स्थित गायत्री नगर में बारिश के 8 दिन बाद भी जलभराव की समस्या बनी हुई है. सैकड़ों घर पानी से घिरे हैं और लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है. नगर निगम ने 60 हॉर्स पावर की मोटर लगाई है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि नाला और नाली नहीं होने से पानी की निकासी संभव नहीं है.

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रीवा शहर के वार्ड नंबर 10 स्थित गायत्री नगर में जलभराव की समस्या लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है. बारिश थमे आठ दिन बीत चुके हैं, लेकिन कॉलोनी से अब तक पानी नहीं निकल पाया है. सैकड़ों घर चारों तरफ से पानी से घिरे हुए हैं, जिससे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो गई है. बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो गया है, वहीं घरों तक जरूरी सामान पहुंचाने में भी परेशानी आ रही है. पानी निकालने के लिए 60 हॉर्स पावर की मोटर लगाई गई है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि जब निकासी का रास्ता ही नहीं है तो सिर्फ मोटर से समस्या का समाधान कैसे होगा? 

अभिषेक तिवारी की रिपोर्ट...

आठ दिन बाद भी नहीं बदले हालात

गायत्री नगर में बारिश के बाद हुए जलभराव का असर अब भी साफ दिखाई दे रहा है. कई घरों के आसपास पानी जमा है और लोगों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. रहवासियों का कहना है कि लगातार आठ दिन बीत जाने के बाद भी हालात में कोई खास सुधार नहीं हुआ है. जलभराव के कारण सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है.

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घरों से निकलना तक हुआ मुश्किल

कॉलोनी में रहने वाले लोगों के सामने सबसे बड़ी समस्या आवाजाही की है. कई परिवारों को घर से बाहर निकलने के लिए पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है. बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, क्योंकि स्कूल तक पहुंचना आसान नहीं रह गया है. इसके अलावा खाने-पीने और अन्य जरूरी सामान की व्यवस्था करना भी लोगों के लिए चुनौती बन गया है.

पानी निकालने के लिए लगाई गई मोटर

जलभराव की समस्या को देखते हुए नगर निगम और अल्ट्राटेक के सहयोग से 60 हॉर्स पावर की मोटर लगाई है. इस मोटर की मदद से इलाके से पानी निकालने का प्रयास किया जा रहा है. प्रशासन को उम्मीद है कि इससे लोगों को राहत मिलेगी, लेकिन जमीन पर स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है.

रहवासियों ने उठाए सवाल

स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल मोटर लगाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा. उनके अनुसार इलाके में पानी की निकासी के लिए न तो पर्याप्त नाली है, न नाला और न ही ऐसी सड़क व्यवस्था है जिससे पानी आसानी से बाहर निकल सके. ऐसे में लोगों का सवाल है कि मोटर से निकाला जाने वाला पानी आखिर जाएगा कहां.

मौके पर पहुंची टीम ने जाना लोगों का दर्द

एनडीटीवी संवाददाता अभिषेक तिवारी ने मौके पर पहुंचकर इलाके के हालात का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से बातचीत की. लोगों ने अपनी परेशानियां बताते हुए कहा कि जलभराव की समस्या नई नहीं है, लेकिन इस बार हालात ज्यादा गंभीर हो गए हैं. उनका कहना है कि हर बार अस्थायी इंतजाम किए जाते हैं, जबकि जरूरत स्थायी समाधान की है.

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स्थायी व्यवस्था की मांग

रहवासियों का कहना है कि यदि इलाके में उचित जल निकासी व्यवस्था विकसित नहीं की गई तो भविष्य में भी हर बारिश के बाद ऐसे ही हालात बनेंगे. उनका मानना है कि केवल मशीनें लगाने से समस्या खत्म नहीं होगी. इसके लिए नालियों, नालों और बेहतर सड़क व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाओं पर काम करना जरूरी है.