Lord Bhairav Temple: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को रीवा दौरे पर हैं. सीएम आज गुढ़ क्षेत्र के खमदीह गांव स्थित लगभग 31 फीट ऊंची भव्य एकाश्म प्रतिमा के चारो ओर निर्मित नवनिर्मित भैरव नाथ मंदिर का आज लोकार्पण करेंगे. साथ ही, सीएम रीवा को करीब 17 करोड़ की लागत वाले विकास परियोजनाओं का भी सौगात देंगे.
एक ही पत्थर पर तराशे गए भगवान भैरव की मूर्ति करीब 28 फीट लंबी और 12 फीट चौड़ी है. दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा के चारों ओर दो मंजिला मंदिर का निर्माण किया गया है, जिसकी लागत करीब 1.80 करोड़ रुपए है. लोकार्पण के तैयार यह मंदिर एमपी के धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देगी.
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दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति है जमीन पर लेटे भैरव बाबा
गौरतलब है गुढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कैमोर पहाड़ श्रृंखला में स्थित प्राचीन शिवधाम 'भैरवलोक' एक बार फिर विंध्य अंचल की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक चेतना का केन्द्र बनने जा रहा है. इतिहासकारों की मानें तो लगभग 1500 साल पहले निर्मित भैरव बाबा की मूर्ति जमीन पर लेटी दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति है.
भैरव बाबा के लेटे हुए मूर्ति के चारो ओर बनाया गया मंदिर
रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 1500 सालों से खुले आसमान के नीचे पड़ी हुई भगवान भैरव की मूर्ति के दर्शन के लिए भक्त आते थे और दर्शन करक जाते थे. विशाल मूर्ति को एकाध बार खड़ा करने का प्रयास किया गया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली. अब लेटे हुए भैरव बाबा के मूर्ति के चारो ओर एक भव्य मंदिर का निर्माण कर दिया गया.
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नवनिर्मित भगवान भैरव के मंदिर का लोकार्पण करेंगे सीएम
गुढ़ विधानसभा क्षेत्र के सबसे सीनियर भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि 1500 साल पुराने प्राचीन भगवान शिव के भैरव स्वरूप की विशालकाय प्रतिमा लोगों की आस्था का केन्द्र रही है, जिसके लोकार्पण के लिए आज मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज रीवा पहुंच रहे हैं.
जमीन पर लेटे हुए एकाश्म भगवान भैरव की विशालकाय प्रतिमा
प्राचीन काल से साधना और उपासना का केन्द्र हैं भैरवदेव
कैमोर पर्वत श्रेणी में स्थित भैरवदेव प्राचीन काल से ही साधना, तपस्या और शक्ति उपासना का प्रमुख केन्द्र रहा है, जहां से चंद किलोमीटर की दूरी पर चंदेल राजाओं द्वारा मठ मंदिरों का शहर रहा गोर्गी भी बसाया गया था, जिसके अवशेष आज भी इलाके में पाए जाते हैं. भैरव बाबा की मूर्ति को इसी काल का माना जाता है.
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10वीं-11वीं सदी में हुआ भगवान भैरव की विशाल मूर्ति का निर्माण
माना जाता है कि एमपी के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केन्द्र के रूप में उभरने जा रहे भैरवदेव मंदिर के निर्माण में करीब ढाई करोड़ रुपए खर्च हुआ है. मंदिर में मौजूद भगवान भैरव की प्रतिमा की लंबाई करीब 28 फीट और चौड़ाई 12 फीट है. दावा किया जाता कि इसका निर्माण दसवीं और ग्यारहवीं शताब्दी के दौरान हुआ है.