रीवा का गायत्री नगर बना 'टापू', 10 दिन से लोग घरों में कैद, सड़कें पानी में डूबी; नहीं मिल रहा जरूरत का सामान  

रीवा के वार्ड नंबर 10 स्थित गायत्री नगर में जलभराव के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है. सड़कें जलमग्न हैं, जिससे किराने का सामान लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है.

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rewa gayatri nagar waterlogging issue 10 days.

रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा में बारिश थमने के बाद भी स्थानीय निवासियों की मुसीबत कम नहीं हुई है. शहर के वार्ड नंबर 10 स्थित गायत्री नगर में पिछले करीब 10 दिनों से भारी जलभराव के कारण लोगों की जिंदगी थम सी गई है. सड़कें पानी में पूरी तरह गायब हो चुकी हैं, गलियां जलमग्न हैं और कई घरों के अंदर पानी भर गया है.

जलभराव के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है. बाइक और गाड़ियां ठप्प पड़ी हैं, जिससे दूध, सब्जी, राशन और किराने का सामान लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है. इसका सबसे ज्यादा बुरा असर बच्चों पर पड़ा है, जिनकी पढ़ाई और स्कूल जाना पूरी तरह प्रभावित हो चुका है.

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rewa gayatri nagar waterlogging issue drainage problem 10 days

'पानी निकाल भी दिया, तो जाएगा कहां?'

नगर निगम और डिप्टी सीएम की पहल पर अल्ट्राटेक कंपनी के सहयोग से पानी निकालने के लिए मोटरें लगाई गई हैं. हालांकि, स्थानीय रहवासियों का कहना है कि जब क्षेत्र में जल निकासी के लिए पर्याप्त नाली या नाला ही नहीं है, तो एक जगह से पानी निकालकर दूसरी जगह डालने से समस्या खत्म नहीं होगी. रहवासियों का आरोप है कि इस कॉलोनी को बसे करीब 10 साल हो चुके हैं और उनसे नियमित टैक्स भी वसूला जा रहा है, लेकिन आज तक सड़क और नाली जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं दी गईं.

महापौर और डिप्टी सीएम में आरोप-प्रत्यारोप

गायत्री नगर के इस जलभराव को लेकर अब राजनीति भी गरमा गई है. स्थानीय स्तर पर महापौर अजय मिश्रा बाबा और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के बीच जिम्मेदारी को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. दूसरी ओर, नगर निगम के अधिकारी और कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी मौके पर पहुंचकर जांच, कार्रवाई और स्थायी ड्रेनेज समाधान का भरोसा दे रहे हैं.