रतलाम बंदूक दुकान विस्फोट: 25 दिन बाद घायल वेल्डिंग कर्मचारी ने तोड़ा दम, मृतकों की संख्या दो हुई

Ratlam Gun Shop Blast: विस्फोट के दूसरे दिन ही दुकान संचालक यूसुफ अली की मौत हो गई थी. वहीं हेल्पर नाजीम हुसैन और तितरी निवासी ग्राहक संदीप पाटीदार भी इस हादसे में घायल हुए थे.

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Ratlam Gun Shop Blast: रतलाम के चांदनी चौक स्थित बंदूक की दुकान में 26 जनवरी को हुए भीषण विस्फोट में गंभीर रूप से घायल वेल्डिंग कर्मचारी 51 वर्षीय शेख रफीकुद्दीन की गुरुवार रात इलाज के दौरान मौत हो गई. इससे पहले हादसे में दुकान संचालक 58 वर्षीय यूसुफ अली की भी जान जा चुकी है. अब इस दर्दनाक घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर दो हो गई है.

वेल्डिंग के दौरान हादसा

दरअसल, 26 जनवरी की शाम करीब 4 बजे दुकान में वेल्डिंग का काम चल रहा था, तभी अचानक जोरदार धमाका हुआ. विस्फोट इतना तेज था कि आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई. दुकान में मौजूद लोग किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे. हादसे में चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे.

अहमदाबाद में वेल्डिंग कर्मचारी का चल रहा था इलाज

घायल शेख रफीकुद्दीन को पहले रतलाम मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें इंदौर के निजी अस्पताल रेफर किया गया. इंदौर में सर्जरी होने के बाद परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए अहमदाबाद ले गए, लेकिन गुरुवार रात करीब 9 बजे उनकी मौत हो गई. शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद उनका पार्थिव शरीर रतलाम लाया गया.

इलाज के दौरान शेख रफीकुद्दीन की मौत

बता दें कि विस्फोट के दूसरे दिन ही दुकान संचालक यूसुफ अली की मौत हो गई थी. वहीं हेल्पर नाजीम हुसैन और तितरी निवासी ग्राहक संदीप पाटीदार भी इस हादसे में घायल हुए थे. नाजीम को इंदौर से छुट्टी मिलने के बाद रतलाम मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है.

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दुकान सील

बताया गया है कि रफीकुद्दीन कमर से नीचे तक बुरी तरह झुलस गए थे और उन्हें गंभीर अंदरूनी चोटें भी आई थीं. उनके परिवार में पत्नी अंजुम, 15 वर्षीय बेटी और 8 वर्षीय बेटा हैं. घटना के तुरंत बाद प्रशासन ने दुकान को सील कर दिया था, लेकिन करीब 25 दिन बीत जाने के बावजूद अब तक विस्तृत जांच शुरू नहीं हो सकी है. दुकान के पास लाइसेंस होने की जानकारी सामने आई है. हालांकि वहां बारूद की बिक्री को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. मामले में जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

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