नए साल पर उज्जैन के पूर्णानंद गणपति मंदिर का अनोखा श्रृंगार, 21 लाख के नोटों और सोने की चेन से सजाया

उज्जैन में नववर्ष पर पूर्णानंद गणपति मंदिर को 21 लाख रुपये के नोटों और 31 लाख रुपये के आभूषणों से सजाया गया। मंदिर में भंडारा और महाआरती का आयोजन किया गया. नोटों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जा रही है.

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मध्य प्रदेश के उज्जैन में नववर्ष पर सभी मंदिरों में भक्तों की भीड़ रही. श्रद्धालुओं के उत्साह को देखते हुए कई मंदिरों को आकर्षक तरीके से सजाया गया. इन्हीं में एक मंदिर है पूर्णानंद गणपति का. इस मंदिर को 21 लाख रुपये के नोटों से सजाया गया. साथ ही सोने की चेन और तिलक अर्पित किया गया.

नववर्ष पर देशभर से आ रहे श्रद्धालुओं को देख सभी प्रसिद्ध मंदिर में कुछ आयोजन किए गए. इनमें इंदौर गेट स्थित चौराहे पर स्थित श्री पूर्णानंद गणपति मंदिर को करीब 31 लाख रुपये के आभूषण और 20, 50, 100, 200 व 500 के 21 लाख रुपये के नोटों की लड़ियां ओर पतंग से सजाया गया. मंदिर प्रबंधक रोशन यादव ने बताया कि नोटों से मंदिर के गर्भगृह और बाहर श्रृंगार किया है.

साथ ही दोपहर में भंडारा कर 11 क्विंटल नुगति का प्रसाद वितरित किया और शाम को महाआरती की गई. उल्लेखनीय है कि महाकाल मंदिर को भी 5 लाख रुद्राक्ष ओर 11 हजार डमरू से सजाया गया हैं.

चार दिन लगे नोटों से सजाने में 

यादव ने बताया कि की विशेष अवसर होने पर गणपति जी को 15 लाख रुपये की सोने की चेन और स्वर्ण तिलक अर्पित किया गया. मंदिर सजाने के लिए 21 लाख रुपए की नोटों की लड़ियां बनाने में चार दिन लगे. अब इनको  10 लोगों की टीम दो दिन में निकाल सकेंगी. नोटों की सुरक्षा के लिए स्थानीय लोगों के साथ साथ सीसीटीवी कैमरे से भी निगरानी की जा रही है.

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