शादी से पहले गर्भवती हुई पत्नी, खुलासा होने पर मायके वालों ने करवाई भ्रूण हत्या, अब पति पहुंचा कोर्ट, न्यायाधीश ने दिया सख्त आदेश

ग्वालियर में शादी के एक महीने बाद दुल्हन के दो माह की गर्भवती होने का खुलासा हुआ. पति ने शादी से पहले गर्भावस्था छुपाने और बाद में भ्रूण हत्या कराने का आरोप लगाया. एडीजे कोर्ट ने मजिस्ट्रेट को मामले पर दोबारा विचार करने के आदेश दिए हैं.

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मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिला अदालत में एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है. एक युवक ने कोर्ट की शरण लेकर आरोप लगाया है कि उसकी दुल्हन शादी के समय ही दो माह की गर्भवती थी और इस तथ्य को उससे छुपाया गया. बाद में मायके वालों ने भ्रूण हत्या करवा दी.

अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट से हुआ खुलासा

ग्वालियर जिला कोर्ट के एडिशनल पब्लिक एडवोकेट धर्मेंद्र शर्मा के अनुसार, ग्वालियर की रहने वाली युवती का विवाह 12 नवंबर 2024 को झांसी के युवक विशाल के साथ हुआ था. शादी के लगभग एक महीने बाद युवती की तबीयत बिगड़ने पर ससुराल पक्ष उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचा. यहां कराई गई अल्ट्रासाउंड जांच में सामने आया कि युवती गर्भवती है.

ससुराल छोड़ मायके पहुंची युवती

पति विशाल का आरोप है कि गर्भावस्था का खुलासा होते ही उसकी पत्नी ससुराल छोड़कर ग्वालियर स्थित अपने मायके चली गई. इसके बाद विशाल ने जनकगंज थाने में ससुर, सास और पत्नी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया. आरोप लगाया गया कि शादी से पहले यह तथ्य छुपाया गया कि युवती पहले से गर्भवती थी.

भ्रूण हत्या का भी आरोप

युवक का यह भी कहना है कि बाद में मायके वालों ने किसी अज्ञात अस्पताल में ले जाकर युवती का गर्भपात करा दिया, जो भ्रूण हत्या की श्रेणी में आता है. हालांकि जनकगंज पुलिस ने शिकायत पर कोई केस दर्ज नहीं किया. पुलिस कार्रवाई नहीं होने पर विशाल ने न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में शिकायती आवेदन दिया, लेकिन 20 नवंबर को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आवेदन निरस्त कर दिया. इसके बाद फरियादी ने इस आदेश को एडीजे कोर्ट में चुनौती दी. 

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अब अपर सत्र न्यायाधीश नवनीत कुमार वालिया ने पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश को पुनर्विचार के लिए भेज दिया है. कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि फरियादी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और कथनों के आधार पर मामले पर नए सिरे से विचार कर कारण सहित आदेश पारित किया जाए.