पुलिस की गुंडागर्दी पर हंगामा! परशुराम सेना ने एसपी ऑफिस का घेराव, टीआई पर कार्रवाई की मांग

भिंड जिले में पुलिस brutality India और MP police controversy ने बड़ा हंगामा खड़ा कर दिया है. परशुराम सेना ने SP Office का घेराव कर थाना प्रभारी पर कार्रवाई की मांग की. पीड़ित परिवार ने illegal police action, custodial violence और human rights violation के गंभीर आरोप लगाए हैं.

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MP Police Controversy: मध्य प्रदेश के भिंड जिले के फूप थाना पुलिस पर लगे बर्बरता और गुंडागर्दी के आरोपों ने पूरे जिले में गुस्सा भड़का दिया है. मामला इतना गंभीर हो गया कि शनिवार को परशुराम सेना पीड़ित परिवार को साथ लेकर सीधे एसपी ऑफिस पहुंच गई और थाना प्रभारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की. महिलाओं और बच्चियों से मारपीट से लेकर थाने में टॉयलेट में ले जाकर की गई पिटाई तक परिजनों ने पुलिस पर कई आरोप लगाए.

वसूली विवाद से शुरू हुआ मामला

यह विवाद तब शुरू हुआ जब पीड़ित युवक सब्जी खरीद रहा था. उसी दौरान एक बाइक उससे टकरा गई और कहासुनी हो गई. आरोप है कि पुलिस के कथित वसूलीकर्ता दीपक परमार वहां पहुंच गया और वीडियो बनाने लगा. पीड़ित ने उसका मोबाइल छीना तो वह भड़क गया और सीधे पुलिस को बुला लिया. पुलिस मौके पर पहुंची और मामूली विवाद को बड़े झगड़े में बदल दिया.

बिना वारंट घर में घुसने का आरोप

पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस बिना किसी वारंट के उनके घर में घुस गई. वहां मौजूद महिलाओं और बच्चियों के साथ मारपीट की गई. जब बच्चियों ने पुलिस की कार्रवाई का वीडियो बनाने की कोशिश की तो पुलिस ने उनके मोबाइल छीन लिए और बदसलूकी की. इसके बाद पूरा परिवार थाने ले जाया गया.

थाने में टॉयलेट में ले जाकर की पिटाई

परिजनों ने बताया कि थाने में CCTV कैमरे लगे होने के कारण पुलिसकर्मी उन्हें टॉयलेट में ले गए और लाठियों व जूतों से बेरहमी से पीटा. पीड़ित प्रमोद शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गया है और अब ठीक से चल भी नहीं पा रहा. परिवार का कहना है कि इस घटना के बाद से वे गहरे डर में जी रहे हैं.

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पीड़ित की चेतावनी – “एनकाउंटर भी करा सकते हैं”

पीड़ित प्रमोद शर्मा ने कहा कि यदि टीआई सतेंद्र राजपूत पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह उन्हें झूठे केस में फंसाकर एनकाउंटर तक करा सकता है. परिवार ने पुलिस पर प्रताड़ना और जान का खतरा होने का आरोप लगाया है. परिजनों ने बताया कि पुलिस ने एक ही दिन में तीन FIR दर्ज कर दीं. उनका दावा है कि यह कार्रवाई केवल दबाव बनाने और पुलिस की ज्यादती को छुपाने के लिए की गई.

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SP ऑफिस पहुंचने में भी हिचकिचाहट

पीड़ित परिवार इतना डरा हुआ था कि परशुराम सेना के साथ होने के बावजूद वे एसपी ऑफिस आने में हिचक रहे थे. वहां पहुंचकर परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए और न्याय की मांग की.

परशुराम सेना का प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपा

शनिवार को सैकड़ों लोग परशुराम सेना के साथ एसपी ऑफिस पहुंचे. वहां जोरदार प्रदर्शन किया गया. एसडीओपी दीपक तोमर को ज्ञापन सौंपकर टीआई सतेंद्र राजपूत को तुरंत सस्पेंड और बर्खास्त करने की मांग की गई. संगठन ने चेतावनी दी कि कार्रवाई न होने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा.

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एसपी ने जांच के आदेश दिए

मामला बढ़ते देख पुलिस अधीक्षक ने तुरंत जांच के निर्देश जारी किए. एक अलग अधिकारी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है और कहा गया कि आरोप सही पाए गए तो कठोर कार्रवाई होगी.