परिजनों ने ठुकराया शव तो 'बजरंगी भाईजान' ने दिखाई इंसानियत, सबको रुला गई गोलू की ऐसी अंतिम विदाई

Pithampur Dhar Madhya Pradesh:  पीथमपुर में संदिग्ध हालात में 33 वर्षीय युवक की मौत के बाद परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया. पुलिस द्वारा लावारिस घोषित किए जाने के बाद शहर के युवा बजरंगी चंद्रवंशी ने अपने खर्च पर अंतिम संस्कार कर मानवता की मिसाल पेश की.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins

Pithampur Dhar Madhya Pradesh:  मध्य प्रदेश के धार ज‍िले के औद्योगिक नगर पीथमपुर के सेक्टर-1 थाना क्षेत्र में 33 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. परिजनों द्वारा शव लेने से इनकार करने के बाद मामला भावनात्मक और सामाजिक दृष्टि से चर्चा का विषय बन गया. हालांकि, शहर के एक युवा ने आगे बढ़कर मृतक का अंतिम संस्कार कर मानवता की मिसाल पेश की.

संदिग्ध हालात में युवक की मौत

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान पंढरपुर रेहली निवासी गोलू पिता सुरेश राजोरिया (33) के रूप में हुई है. वह पीथमपुर के मीणा मोहल्ले में सुरेश मीणा के मकान में किराए से रहकर एक डिटर्जेंट कंपनी में काम करता था.

मंगलवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने पर आपातकालीन सेवा 108 के माध्यम से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पीथमपुर लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

सेक्टर-1 थाना के उप निरीक्षक जगदीश मीणा ने बताया कि पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दी, लेकिन उन्होंने शव लेने से इनकार कर दिया. इसके बाद पुलिस ने नियमानुसार शव को लावारिस घोषित कर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की. युवक की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा.

Advertisement

युवा ने उठाई अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी

जब शहर के युवा बजरंगी चंद्रवंशी को लावारिस शव के दाह संस्कार की जानकारी मिली, तो वे तुरंत सेक्टर-1 थाने पहुंचे. उन्होंने मृतक गोलू के अंतिम संस्कार की पूरी जिम्मेदारी अपने खर्च पर उठाई और विधि-विधान से अंतिम संस्कार करवाया.

उप निरीक्षक जगदीश मीणा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक हैं. वहीं बजरंगी चंद्रवंशी ने कहा कि समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव उनके भीतर हमेशा से रहा है और वे भविष्य में भी किसी लावारिस शव का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराने का प्रयास करेंगे.

Advertisement