VIP Entry in Mahakaal Mandir: उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में आम श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश पर रोक का मामला इंदौर हाईकोर्ट पहुंच गया है. याचिकाकर्ता दर्पण अवस्थी ने एडवोकेट चर्चित शास्त्री के जरिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. याचिका कहा गया है कि दूर-दराज से भक्त महाकाल के दर्शन करने के लिए आते हैं, लेकिन वो दर्शन नहीं कर पाते हैं या फिरस बाहर से दर्शन कर लौट जाते हैं. वहीं, नेता या वीआईपी बहुत ही आसानी से गर्भ गृह में प्रवेश कर जाते हैं.
याचिका में वीआईपी के नाम पर प्रवेश ना देने की मांग की है. साथ ही ऐसे नियम कानून बनाए जाएं, जिसके तहत आम श्रद्धालु भी गर्भगृह में पहुंचकर बाबा के दर्शन कर सकें.
याचिका पर गुरुवार हाईकोर्ट में सुनवाई हुई है. इस मामले में महाकालेश्वर मंदिर ट्रस्ट समिति, उज्जैन कलेक्टर, प्रदेश सरकार और एस.पी को पक्षकार बनाया गया है. याचिका पर हाईकोर्ट ने फिलहाल फैसला सुरक्षित रख लिया है.
उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर के पास अवैध निर्माण ध्वस्त
महाकालेश्वर मंदिर के पास अवैध निर्माण पर शुक्रवार को बुलडोजर चल गया. उज्जैन विकास प्राधिकरण, नगर निगम और पुलिस के संयुक्त अभियान में यह कार्रवाई की गई. महाकाल थाना क्षेत्र के बेगम बाग इलाके में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया गया. इस दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और उज्जैन नगर निगम के कर्मचारी तैनात थे.
उदयपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी के अनुसार, उदयपुर विकास प्राधिकरण ने 1985 में बेगमबाग इलाके में लगभग 30 भूखंड आवासीय उद्देश्यों के लिए 30 साल के पट्टे पर आवंटित किए थे. हालांकि, भूखंड धारकों ने इनका उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया, जो नियमों के खिलाफ था. इसके अलावा, इन भूखंडों के पट्टे वर्ष 2014-15 में समाप्त हो गए थे और उनका नवीनीकरण नहीं किया गया था.
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