Niwari collector jamuna bhide suspends patwaris and clerks: निवाड़ी कलेक्टर जमुना भिड़े ने सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी अभय नारायण सिंह और सुभाष यादव को लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया है. इसके अलावा दो पटवारियों को सस्पेंड किया गया और एक बीआरसी की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर दी गई. शुक्रवार 1 मई को हुई समीक्षा बैठक के दो दिन बाद IAS कलेक्टर जमुना भिड़े ने सभी पर एक्शन लिया. इस कार्रवाई से पूरे जिले के अफसरों में हड़कंप है.
दरअसल, 1 मई 2026 को कलेक्टर जमुना भिड़े की अध्यक्षता में लिपिक कर्मचारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी. समीक्षा बैठक में कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 अभय नारायण सिंह एवं सुभाष यादव बिना अवकाश स्वीकृति के कार्यालय में अनुपस्थित पाए गए. कलेक्टर जमुना भिड़े ने बिना सूचना के अवकाश पर रहने वाले कर्मचारी कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 अभय नारायण सिंह और सुभाष यादव पर 4 मई को कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित करने के निर्देश दिए. कलेक्टर के आदेशानुसार उक्त दोनों सहायक ग्रेड-3 कर्मचारियों अभय नारायण सिंह एवं सुभाष यादव के विरुद्ध म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9 के अधीन प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. निलंबन काल में इनका मुख्यालय कार्यालय कलेक्टर जिला निवाड़ी नियत किया गया है.
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2 पटवारी सस्पेंड और एक बीआरसी पर भी गिरी गाज
इसके अलावा कलेक्टर जमुना भिड़े ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कार्यों में गंभीर लापरवाही बरतने वाले दो पटवारियों को निलंबित और एक बीआरसी की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर दी है. पृथ्वीपुर तहसील के अंतर्गत आने वाले पटवारी हल्का मडियाखास और खिस्टोन के पटवारियों को पदीय दायित्वों के निर्वहन में विफल रहने के कारण कलेक्टर ने उन पर यह कार्रवाई की है. इसके अलावा, निवाड़ी बीआरसी राजदीप संज्ञा का कार्य संतोषजनक न पाए जाने पर उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उनके मूल पद पर भेजा गया.
बैठक में सामने आई थी लापरवाही
बता दें कि 1 मई को कलेक्टर ने गूगल मीट के माध्यम से राजस्व विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न जनहितकारी योजनाओं और विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की थी. इस दौरान पाया गया कि मनोज अहिरवार (पटवारी हल्का मडियाखास) और राजेन्द्र यादव (पटवारी हल्का खिस्टोन) दोनों कर्मचारियों द्वारा फार्मर रजिस्ट्री, विशेष राजस्व अभियान, लघु सिंचाई संगणना, पीएम किसान ई-केवायसी और एनपीसीआई जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में प्रगति अत्यंत निराशाजनक पाई गई.
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निर्देश के बाद भी नहीं हुआ कोई सुधार
समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि इन पटवारियों को बैठकों, दूरभाष और व्हाट्सएप के माध्यम से प्रतिदिन सुबह-शाम निरंतर निर्देश दिए जा रहे थे, इसके बावजूद कार्य में कोई सुधार नहीं किया. पटवारियों का यह कृत्य म.प्र. सिविल सेवा नियम 1965 के नियम-3 का स्पष्ट उल्लंघन है, जिससे न केवल शासकीय कार्य प्रभावित हुए बल्कि कृषकों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ा. निलंबन अवधि के दौरान पटवारियों का मुख्यालय कार्यालय तहसीलदार, तहसील पृथ्वीपुर नियत किया गया है.
(निवाड़ी से मयंक दुबे की रिपोर्ट)