Chandela fort News: बारिश से कटी मिट्टी, तो  चंदेल राजाओं के किले में छिपा खजाना आ गया बाहर, खुदाई में जुटे लोग !

Chandela Fort: बताया जा रहा है कि यह खजाना चंदेल काल से जुड़ा हो सकता है और इसकी कीमत करोड़ों रुपये में आंकी जा रही है. पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है, लेकिन सवाल ये है कि क्या यह वास्तव में ऐतिहासिक खजाना है ? 

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Chandela Kindon Fort News: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छतरपुर (Chhatarpur) से बहुत ही चौंकाने वाली खबर सामने आई है. दरअसल, राजगढ़ गांव में पुराने खजाने मिलने की खबर से पूरे इलाके में कौतूहल मच गया है. मामला उस वक्त सामने आया, जब स्वर्गेश्वर धाम जाने वाली मार्ग पर डाली गई किले के पास हो रही खुदाई से निकली मिट्टी बारिश होने से बह गई. दावा किया जा रहा है कि लोगों को उसमें सोने जैसे सिक्के और बिस्किट दिखाई दिए. इसके बाद देर रात से ही लोगों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई और खुदाई का सिलसिला शुरू हो गया. 

बताया जा रहा है कि यह खजाना चंदेल काल से जुड़ा हो सकता है और इसकी कीमत करोड़ों रुपये में आंकी जा रही है. पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है, लेकिन सवाल ये है कि क्या यह वास्तव में ऐतिहासिक खजाना है ? 

किस्मत आजमाने पहुंच गई लोगों की भीड़

घटना छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र अंतर्गत चंद्रनगर चौकी के राजगढ़ गांव की है, जहां बुधवार देर रात अचानक उस वक्त कौतूहल मच गई, जब लोगों की नजर सड़क किनारे पड़ी मिट्टी में चमकती धातु पर पड़ी. दरअसल, राजगढ़ स्थित ऐतिहासिक चंदेल कालीन किले हैं, जिसे अब ओबेरॉय ग्रुप की ओर से लीज पर लिया गया है, जहां होटल निर्माण का काम चल रहा है. इसी कड़ी में यहां स्टाफ के ठहरने के लिए बनाए जा रहे कमरों की खुदाई से निकली मिट्टी स्वर्गेश्वर धाम जाने वाले मार्ग पर डाल दी गई थी. बीते दिनों हुई बारिश के कारण जब मिट्टी बहने लगी, तो उसमें से पुराने सोने के सिक्के और बिस्किट निकलकर सामने आ गए. इसके बाद यह खबर आग की तरह पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों में फैल गई. खबर मिलते ही बुधवार की देर रात से ही स्थानीय लोग फावड़े, तसले और हाथों से मिट्टी खोदने में जुट गए. हर कोई अपनी किस्मत आजमाने की कोशिश करता नजर आया. 

लोग ये कर रहे हैं दावा

 कई लोगों का दावा है कि उन्हें सोने जैसे सिक्के मिले हैं, जो काफी पुराने और ऐतिहासिक प्रतीत हो रहे हैं. राजगढ़ गांव के सरपंच रमेश बिल्ला के अनुसार, राजगढ़ किले और उसके आसपास दबे खजाने की कहानियां वर्षों से सुनी जाती रही हैं. अब इस घटना ने उन कहानियों को एक बार फिर सच साबित करने जैसा माहौल बना दिया है. जहां बीती रात से लेकर अब तक लोगों की आवाजाही लगातार बनी हुई है. 

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हालांकि,  प्रशासन की ओर से लोगों को समझाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन खजाने की खबर के बाद लोगों का उत्साह थमने का नाम नहीं ले रहा. फिलहाल, प्रशासन और पुरातत्व विभाग की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. अगर यह खजाना ऐतिहासिक साबित होता है, तो यह सरकारी संपत्ति मानी जाएगी और इसकी जांच की जाएगी. अब देखना यह होगा कि राजगढ़ की इस सनसनीखेज घटना पर प्रशासन क्या कदम उठाता है और सच्चाई सामने आने में कितना वक्त लगता है.

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