मध्यप्रदेश में मानसून सीजन के दौरान सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है. अब तक इस सीजन में पूरे प्रदेश में करीब 17 प्रतिशत कम बारिश हुई है. पिछले करीब 12 दिनों से राज्यभर में भारी बारिश की गतिविधि थमी हुई है, जिससे कई हिस्सों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं. आंकड़ों के मुताबिक, पूर्वी मध्यप्रदेश में 23 प्रतिशत और पश्चिमी मध्यप्रदेश में 10 प्रतिशत कम पानी बरसा है.
हालांकि, अब राहत भरी खबर सामने आ रही है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 5 दिनों में मध्यप्रदेश के लगभग 90 प्रतिशत हिस्सों में बारिश का दौर फिर शुरू होगा, वहीं कुछ जिलों में भारी बारिश की भी संभावना है. अगले 4 दिनों तक राज्य के अधिकतर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी और 4 से 5 जिलों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है.
39 जिलों में हुई कम बारिश
इन जिलों में अच्छी बारिश से राहत
प्रदेश के महज 16 जिलों में ही अब तक अच्छी या भारी बारिश दर्ज की गई है, जिनमें निवाड़ी, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, देवास, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, नीमच, राजगढ़, सीहोर और उज्जैन शामिल हैं.
एमपी में बारिश का औसत आंकड़ा क्या है?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, जुलाई के महीने में पूरे मानसून की लगभग एक-तिहाई (1/3) बारिश हो जाती है. भोपाल में औसतन 39 इंच में से 14 इंच और जबलपुर में सबसे ज्यादा 17 इंच बारिश जुलाई में ही होती है, लेकिन इस बार ये आंकड़े काफी पीछे रह गए हैं. ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश की औसत सालाना बारिश करीब 42 इंच है, जबकि भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में औसतन 38 से 39 इंच बारिश होती है, जिससे यह आंकड़ा अभी काफी दूर नजर आ रहा है.