Khiwani Sanctuary: खिवनी MP का नया इको टूरिज्म स्पॉट; स्थानीय युवाओं को रोजगार, देखें ये दर्शनीय स्थल

Khiwani Sanctuary Eco Tourism: प्राकृतिक सौंदर्य, वन्यजीवों की विविधता और शांत वातावरण के कारण खिवनी अभयारण्य पर्यटकों की नई पसंद बनता जा रहा है और मध्यप्रदेश के इको-टूरिज्म को एक नई दिशा दे रहा है.

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Khiwani Sanctuary: खिवनी MP का नया इको टूरिज्म स्पॉट; स्थानीय युवाओं को रोजगार, देखें ये दर्शनीय स्थल

Khiwani Sanctuary Eco Tourism Destination: विंध्य पर्वतमाला के शांत, हरियाली से भरपूर अंचल में स्थित खिवनी अभयारण्य (Khiwani Sanctuary) अब मध्यप्रदेश का तेजी से उभरता हुआ इको-टूरिज्म हॉटस्पॉट (Eco Tourism Destination) बन चुका है. देवास (Dewas) और सीहोर जिलों में फैला यह 134 वर्ग किलोमीटर का प्राकृतिक क्षेत्र न सिर्फ प्रकृति प्रेमियों को बल्कि शोधकर्ताओं और साहसिक यात्रियों को भी खूब आकर्षित कर रहा है. घने जंगल, पर्वत घाटियां, बहते नदी-नाले और समृद्ध जैव विविधता इसे एक अनूठा प्राकृतिक स्थल बनाते हैं.

Khiwani Sanctuary: खिवनी में वनराज

क्यों जाएं खिवनी अभयारण्य?

यहां का प्राकृतिक विस्तार पर्वत घाटियों से बहते नदी-नालों तक है जो यात्रियों को एक अनोखा वाइल्ड एस्केप प्रदान करता है. यह अभयारण्य कई प्रकार के मांसाहारी वन्यजीव जैसे बाघ, तेंदुआ, भालू, लकड़बग्घा, जंगल कैट, गोल्डन जैकाल, एशियन पाम सिवेट. वहीं शाकाहारी जीव चीतल, सांभर, नीलगाय, चौसिंगा, कृष्णमृग, जंगली सूअर हैं. इसके अलावा पक्षियों की 170 प्रजातियों और 65 प्रकार की तितलियाें को यह अपने में समेटे हुए है. प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफरों के लिए यह एक स्वर्ग जैसा अनुभव प्रदान करता है.

स्थानीय युवाओं को रोजगार

घने जंगल, पर्वत घाटियां, बहते नदी-नाले और समृद्ध जैव विविधता इसे एक अनूठा प्राकृतिक स्थल बनाते हैं. ईको-पर्यटन विकास बोर्ड के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ा गया है. सफारी संचालन, भोजन व्यवस्था, आवास प्रबंधन तथा लघु उद्योगों के माध्यम से स्थानीय युवाओं, महिलाओं और कारीगरों की आय में वृद्धि हो रही है.

अभयारण्य में पर्यटकों के लिए सर्व-सुविधायुक्त टूरिस्ट कैंपस बनाया गया है.

  • कॉटेज
  • टेंट
  • वॉच टावर
  • पैगोडा
  • भोजन व्यवस्था उपलब्ध है.

यह स्थान वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर, प्रकृति शोधकर्ता, परिवार, ट्रेकिंग और सफारी प्रेमी, शांत वातावरण में छुट्टी बिताने वालों सबके लिए आदर्श है.

Khiwani Sanctuary: खिवनी का मनोरम दृश्य

ऐसे करें बुकिंग

इस अभयारण्य के लिए https://mpforest.gov.in/ecotourism/ecobooking/destination.aspx के जरिए बुकिंग की जा सकती है. प्राकृतिक सौंदर्य, वन्यजीवों की विविधता और शांत वातावरण के कारण खिवनी अभयारण्य पर्यटकों की नई पसंद बनता जा रहा है और मध्यप्रदेश के इको-टूरिज्म को एक नई दिशा दे रहा है.

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कैसे पहुंचें?

खिवनी अभयारण्य की पहुंच सुगम और सुविधाजनक है कि

  • भोपाल–इंदौर मार्ग से आष्टा: 35 किमी
  • इंदौर–नेमावर–हरदा मार्ग: कन्नौद होते हुए
  • निकटतम रेलवे स्टेशन: हरदा
  • निकटतम एयरपोर्ट: भोपाल और इंदौर

प्रमुख दर्शनीय स्थल

अभयारण्य में बाल गंगा मंदिर, कलम तलई सनसेट पॉइंट, ईको व्यू पॉइंट, गोल कोठी, खिवनी मिडो, शंकर खो एवं भदभदा झरने, भूरी घाटी और दौलतपुर घाटी जैसे अनेक आकर्षक स्थल हैं. विशेषकर वर्षाकाल में झरनों, हरियाली और पर्वत श्रृंखलाओं का दृश्य पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है.

पर्यटन मानचित्र पर लाने के प्रयास

खिवनी अभयारण्य को पर्यटन मानचित्र पर व्यापक स्तर पर स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं. नियमित मॉनिटरिंग के साथ पर्यटकों की सुविधाओं के समुचित प्रबंधन किया जा रहा है. खिवनी अभयारण्य भोपाल–इंदौर मार्ग पर आष्टा से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. इंदौर–नेमावर–हरदा मार्ग से कन्नौद होकर भी यहां पहुंचा जा सकता है. निकटतम रेलवे स्टेशन हरदा तथा निकटतम हवाई अड्डे इंदौर और भोपाल हैं. 

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