MP STF: अंतर्राष्ट्रीय वन्यजीव तस्कर मुरुगेशन का प्रत्यर्पण मंजूर, अब भेजा जायेगा थाईलैंड, जानिए क्या है अपराध

International Smuggler: दुर्लभ और प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं की तस्करी में उसका नाम विश्व स्तर पर तीसरे नंबर पर था. सिंगापुर निवासी मुरुगेशन का अवैध नेटवर्क भारत, थाईलैंड, मलेशिया, मकाऊ, हांगकांग, चीन और मेडागास्कर तक फैला हुआ है.

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International Smuggler: अंतर्राष्ट्रीय वन्यजीव तस्कर मुरुगेशन का प्रत्यर्पण मंजूर, अब भेजा जायेगा थाईलैंड, जानिए क्या है अपराध

MP Forest Department State Tiger Force: वन एवं वन्य‑जीव संरक्षण को लेकर मध्यप्रदेश सरकार (MP Governmnet) के प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कछुओं और अन्य जलीय वन्य‑जीवों की तस्करी में शामिल कुख्यात अपराधी मन्नीवन्नन मुरुगेशन के थाईलैंड प्रत्यर्पण को पटियाला हाउस कोर्ट, नई दिल्ली ने स्वीकृति दे दी है. अदालत ने 6 जनवरी 2026 को विस्तृत सुनवाई के बाद प्रत्यर्पण की अनुमति का आदेश जारी किया. अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देशन में सक्रिय मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर फोर्स (STF) ने मुरुगेशन को प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं की तस्करी के मामले में गिरफ्तार कर मध्यप्रदेश लाने के बाद उसके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा किया था. जांच में पता चला कि मुरुगेशन के खिलाफ थाईलैंड में भी वन्य‑जीवों के अवैध व्यापार का मामला दर्ज है.

यहां तक फैला हुआ है नेटवर्क

मुरुगेशन से जुड़े संवेदनशील दस्तावेजों को मध्यप्रदेश वन विभाग ने जुलाई 2018 में ढाका (बांग्लादेश) में आयोजित अंतरराष्ट्रीय बैठक में साझा किया था. दुर्लभ और प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं की तस्करी में उसका नाम विश्व स्तर पर तीसरे नंबर पर था. सिंगापुर निवासी मुरुगेशन का अवैध नेटवर्क भारत, थाईलैंड, मलेशिया, मकाऊ, हांगकांग, चीन और मेडागास्कर तक फैला हुआ है.

2012 में हुआ था बड़ा मामला

27 अगस्त 2012 को बैंकॉक एयरपोर्ट पर मुरुगेशन करीब 900 दुर्लभ प्रजाति के कछुओं के साथ पकड़ा गया था, लेकिन वह कानूनी खामी का फायदा उठाकर छूट गया था. बाद में थाईलैंड के मामले में इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड नोटिस भी जारी किया था.

थाईलैंड सरकार द्वारा प्रत्यर्पण अनुरोध भेजे जाने के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने एक्ट‑1962 के तहत पटियाला हाउस कोर्ट में मामला दर्ज कराया. जारी वारंट के आधार पर मध्यप्रदेश एसटीएफ ने अक्टूबर 2021 में मुरुगेशन को उच्च न्यायालय, नई दिल्ली में पेश किया. इसके बाद विदेश मंत्रालय के माध्यम से प्रत्यर्पण प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई.

मध्यप्रदेश एसटीएफ ने मुरुगेशन को 30 जनवरी 2018 को चेन्नई से गिरफ्तार कर सागर के विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया था. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सागर ने उसे 7 वर्ष की सजा सुनाई थी. हालांकि, बाद में जिला एवं सत्र न्यायालय ने अपील में उसे दोषमुक्त कर दिया, लेकिन एसटीएफ ने तुरंत यह निर्णय उच्च न्यायालय जबलपुर में चुनौती दी और उसका पासपोर्ट इम्पाउंड करवा दिया. यह अपील वर्तमान में लंबित है.

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तिहाड़ जेल में रखा गया

पटियाला हाउस कोर्ट द्वारा प्रत्यर्पण की अनुमति मिलने के बाद मुरुगेशन को गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल, नई दिल्ली में रखा गया है. आवश्यक औपचारिकताओं के पूरा होते ही उसे थाईलैंड प्रशासन को सौंपा जाएगा.

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