MP School Summer Vacation: मध्य प्रदेश में गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. तपती धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों (लू) ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. प्रदेश के कई हिस्सों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने के बाद बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है. इंदौर, ग्वालियर और रीवा सहित कई जिलों में कक्षा 1 से 8वीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले कुछ दिनों तक राहत के आसार नहीं हैं, जिसके चलते 20 से अधिक जिलों में 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है.
एमपी के स्कूलों में अवकाश की घोषणा
मध्य प्रदेश में बढ़ते तापमान और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जिला कलेक्टरों ने निम्नलिखित आदेश जारी किए हैं.
- इंदौर: कलेक्टर शिवम वर्मा ने 8वीं तक के स्कूलों में 30 अप्रैल तक छुट्टी घोषित की है. 1 मई से नियमित ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हो जाएंगे.
- ग्वालियर: कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के आदेशानुसार, प्री-प्राइमरी से कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूल (सरकारी और निजी) 30 अप्रैल तक बंद रहेंगे. हालांकि, कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह 7:30 से दोपहर 12:00 बजे तक संचालित होंगी.
- रीवा: यहां कक्षा 5वीं तक के बच्चों के लिए 30 अप्रैल तक अवकाश रहेगा.
MP IMD Alert: मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम केंद्र भोपाल ने प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में 'येलो अलर्ट' जारी किया है. रायसेन, रतलाम, सतना, छिंदवाड़ा, भिंड, दतिया, और छतरपुर जैसे जिलों में लू का प्रभाव सबसे अधिक है. अधिकांश क्षेत्रों में पारा 40 डिग्री के पार निकल चुका है, जिससे दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है.
भीषण गर्मी और लू से कैसे बचें? प्रशासन की एडवायजरी
मध्य प्रदेश में जैसे-जैसे पारा 44 डिग्री के करीब पहुंच रहा है, स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों के लिए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश जारी किए हैं. स्कूलों की छुट्टी के साथ-साथ आम जनता को भी लू (Heatstroke) से बचने के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखने की सलाह दी गई है:
दोपहर में निकलने से बचें: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच, जब सूरज की किरणें सबसे सीधी और तेज होती हैं, तब बाहर निकलने से परहेज करें. यदि बाहर निकलना जरूरी हो, तो सिर को सफेद सूती कपड़े, टोपी या छतरी से ढंककर रखें.
हाइड्रेशन का रखें ध्यान: प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें. ओआरएस (ORS) घोल, लस्सी, छाछ, नींबू पानी और आम पना जैसे तरल पदार्थों का सेवन शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है.
खान-पान में सावधानी: गर्मी के मौसम में हल्का और ताजा भोजन करें. अधिक प्रोटीन वाले और बासी भोजन से बचें क्योंकि यह शरीर में मेटाबॉलिक हीट को बढ़ा सकते हैं. तरबूज, खीरा और ककड़ी जैसे पानी से भरपूर फलों को डाइट में शामिल करें.
बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान: लू का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर होता है. यदि किसी को तेज बुखार, सिरदर्द, चक्कर आना या जी मिचलाने जैसी समस्या हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें.