MP News: कमल के खोखले तने की मदद से पांच घंटे तक तालाब में छुपा रहा चोर, पुलिस से बचने की फिल्मी चाल नाकाम

पुलिस से बचने के लिए आरोपी स्थानीय बाजार के पास स्थित काई से भरे एक तालाब में कूद गया. गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने पानी के भीतर छिपने का अनोखा तरीका अपनाया. बताया गया कि आरोपी कमल के खोखले तने का इस्तेमाल सांस लेने के लिए किया, जिससे वह लंबे समय तक पानी के भीतर छिपा रह सका. यह तरीका आमतौर पर फिल्मों या कहानियों में देखने को मिलती है, लेकिन यहां आरोपी ने इसे असल जिंदगी में आजमाया.

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कमल के खोखले तने की मदद से पांच घंटे तक तालाब में छुपा रहा चोर, पुलिस से बचने की फिल्मी चाल नाकाम (AI Generated Image)
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Madhya Pradesh news: मध्य प्रदेश के जबलपुर (Jabalpur) से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस (MP Police) से बचने के लिए एक आरोपी ने ऐसा तरीका अपनाया, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया. गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी तालाब में कूद गया और कमल के खोखले तने के सहारे करीब पांच घंटे तक पानी के भीतर छिपा रहा. हालांकि, अंततः पुलिस ने उसे पकड़ ही लिया.

जानकारी के मुताबिक, यह घटना 6 अप्रैल की है. आरोपी की पहचान हरविंदर सिंह (42) उर्फ सनी के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के बिजनौर का रहने वाला है और वहां पार्षद भी रह चुका है. रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के अनुसार, आरोपी ने रीवा इतवारी एक्सप्रेस के एसी कोच में एक महिला का पर्स चुराने की कोशिश की. इसी दौरान आरपीएफ के जवानों की नजर उस पर पड़ गई और उन्होंने तुरंत उसका पीछा शुरू कर दिया.

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बचने के लिए तालाब में छलांग

पुलिस से बचने के लिए आरोपी स्थानीय बाजार के पास स्थित काई से भरे एक तालाब में कूद गया. गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने पानी के भीतर छिपने का अनोखा तरीका अपनाया. बताया गया कि आरोपी कमल के खोखले तने का इस्तेमाल सांस लेने के लिए करता रहा, जिससे वह लंबे समय तक पानी के भीतर छिपा रह सका. यह तरीका आमतौर पर फिल्मों या कहानियों में देखने को मिलता है, लेकिन यहां आरोपी ने इसे असल जिंदगी में आजमाया.

पांच घंटे बाद पकड़ में आया आरोपी

आरपीएफ ने आरोपी की तलाश के लिए स्थानीय पुलिस की मदद ली और गोताखोरों को बुलाया गया. करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी को तालाब से बाहर निकाला गया. तालाब से बाहर आने के बाद भी उसने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे तुरंत पकड़कर अपने कब्जे में ले लिया.

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प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड लंबा है. सूत्रों के अनुसार, उसके खिलाफ मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों में 21 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं. यह घटना न सिर्फ आरोपी की चालाकी को दिखाती है, बल्कि पुलिस की सतर्कता और लगातार प्रयासों का भी उदाहरण पेश करती है, जिसने आखिरकार उसे कानून के शिकंजे में ला खड़ा किया.

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