8 करोड़ का 'मुर्दा' बीमा घोटाला! फर्जी डेथ सर्टिफिकेट से क्लेम की साजिश, EOW ने खोला जालसाजी का पिटारा

मध्य प्रदेश के उज्जैन EOW ने 8 करोड़ के बीमा घोटाले का पर्दाफाश किया है. फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और मृतकों के नाम पर पॉलिसी लेकर ICICI Prudential के साथ ठगी की गई.

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मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने गुरुवार को एक बड़े बीमा धोखाधड़ी का खुलासा किया है. मामला ICICI Prudential Life Insurance के साथ करीब 8 करोड़ रुपये की ठगी का है. धोखाधड़ी में बीमा एजेंट,पॉलिसी धारक,उनके नॉमिनी और पंचायत की भी लिप्तता पाई गई है. 

दरअसल 3 सितंबर 2025 को ईओडब्ल्यू में मंदसौर उज्जैन में मृत व्यक्तियों के नाम पर बीमा पॉलिसियां करने की शिकायत हुई थी. जांच में पता चला कि आरोपियों ने पूर्व से गंभीर बीमार या पहले ही मृत व्यक्तियों के नाम पर बीमा पॉलिसियां जारी करवाईं. इसके बाद फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर बीमा क्लेम लगाया गया.कुछ मामलों में तो मृत व्यक्तियों को जीवित दिखाकर पॉलिसी लीगई.बाद में सरपंच, सचिव और सहायक सचिव ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए और उनकी ‘मौत' दर्शाकर क्लेम की कोशिश की गई. पश्चात झूठे साक्ष्य तैयार कर बीमा कंपनी में क्लेम प्रस्तुत किए.

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27 पॉलिसियों में गड़बड़ी, चालीस पर केस

EOW के अनुसार, जांच में कुल 27 बीमा पॉलिसियां संदिग्ध मिली. इनमें 19 मामलों में बीमारी छुपाकर पॉलिसी ली गई. 8 मामलों में मृत व्यक्तियों के नाम पर पॉलिसी जारी कर क्लेम की कोशिश की है. मामले में जांच के बाद ईओडब्ल्यू ने आईसीआईसीआई प्रूडेंसियल लाईफ इंश्योरेंस कम्पनी के एजेण्ट मेघा डोंगांरवर, ऋषि पाल, झोपर इंश्योरेंस ब्रोकर्स प्रा.लिमि., जशोदाबेन शर्मा, महेशचन्द्र, मुकेश साधवानी, सुनिता, जितेन्द्र खिंची, महेन्द्र परिहार, अंजली जैन, प्रहलाद चौहान, मेघा कोठारी, रवि राठौर, प्रहलाद पाटीदार, महिदपुर के ग्राम आलाखेड़ा के सरपंच जसवंत सिंह, सचिव राजकुमार देवड़ा, सहायक सचिव राधेश्याम गुर्जर, ग्राम पंचायत पालखंदा के सचिव मेम्बर चौधरी, ग्राम पंचायत धुरेरी सचिव लाखन सिंह चौहान आदि को आरोपी बनाया है.

ये नॉमिनी भी फंसे

मामले में ईओडब्ल्यू ने पॉलिसी धारकों के नॉमिनी रामकन्या नवरंग, सरे कुंवर, गोकुल सिंह, अनिल,रेखा बाई, मुकेश सिंह चौहान,राधा मालवीय, गोपाल, प्रभा पाटीदार, अनिल भाटी, दिलीप गावरिया, विनोद, कैलाश हिरवे, शीतल, श्यामदास बैरागी, मुन्नी यादव, सुरेश जुझारे, मंजुदेवी राव, राधा देवी, सरफराज अहमद, सुधीर राठौर,ज्योति बाई का भी आरोपी बनाया ओर सभी के खिलाफ धारा 417, 420/511, 467, 468, 471, 120Bऔर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी.

फिलहाल EOW ने मामला दर्ज कर विस्तृत विवेचना शुरू कर दी है. दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच और आरोपियों से पूछताछ के बाद इस संगठित बीमा घोटाले के और बड़े खुलासे होने की संभावना है. यह मामला बताता है कि किस तरह संगठित तरीके से सरकारी सिस्टम और बीमा प्रक्रियाओं का दुरुपयोग कर करोड़ों की ठगी की कोशिश की गई. 

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