मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दसवें दिन शुक्रवार को कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने विधानसभा भवन परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने शीर्षासन कर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर का विरोध जताया. मामला शिवरात्रि पर शिव बारात के दौरान हर्ष फायरिंग से जुड़ा है. पुलिस ने इस घटना को लेकर विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिससे वे नाराज हैं.
शून्यकाल में भी उठा मुद्दा
इस मुद्दे की गूंज सदन के भीतर भी सुनाई दी. शून्यकाल के दौरान कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय और पार्टी के सचेतक सोहन वाल्मीकि ने बाबू जंडेल का मामला उठाया. स्पीकर ने कहा कि प्रकरण से संबंधित जानकारी विभाग को भेजी जाएगी. इसके बाद असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया.
क्या है पूरा मामला?
श्योपुर जिले से कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल के खिलाफ शिवरात्रि पर शिव बारात निकाले जाने के दौरान हर्ष फायरिंग के आरोप में पुलिस ने मामला दर्ज किया है.
मीडिया से बातचीत में बाबू जंडेल ने कहा, “15 फरवरी को हमारे क्षेत्र में यज्ञ का कार्यक्रम था. हजारों की संख्या में ब्राह्मण और साधु-संत मौजूद थे. मैंने शिवजी का चौतरा बनाकर विधि-विधान से तीन दिन तक हवन कराया, भगवान की स्थापना करवाई और उसके बाद शिव बारात का कार्यक्रम रखा गया.
शिव बारात में पालकियों और घोड़ों पर साधु-संत और ब्राह्मण सवार थे. फूल वर्षा हो रही थी और पटाखे चल रहे थे. मैं भी घोड़े पर सवार था. मेरे पास एक ‘चढ़ीमार' का एक राउंड था, जो दावत का राउंड होता है. भगवान की खुशी में मैंने एक हर्ष फायर किया. वह सिर्फ एक ही राउंड था. मेरे पास कोई एके-47 नहीं थी. मैं कोई उग्रवादी नहीं हूं, बल्कि यज्ञ का यजमान था.”
दो बार जीत चुके हैं श्योपुर सीट
बाबू जंडेल श्योपुर विधानसभा सीट से लगातार दो बार जीत दर्ज कर चुके हैं. उन्होंने भाजपा के दुर्गालाल विजय को 2013 और 2018 के विधानसभा चुनाव में पराजित किया था. पहली बार 41,070 वोटों से और दूसरी बार 11,130 वोटों से जीत हासिल की थी.