एमपी का नटवरलाल! फर्जी गोल्ड लोन स्लिप से 18 लाख की ठगी, ढूंढते रह गए बैंक वाले 

मध्य प्रदेश के सागर में फर्जी गोल्ड लोन स्लिप के जरिए 18 लाख 50 हजार रुपये की बड़ी ठगी का मामला सामने आया है. आरोपी ने नकली हस्ताक्षर और जाली बैंक सील लगाकर दो बैंकों को झांसा दिया और रकम लेकर फरार हो गया.

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MP Natwarlal Fraud: मध्य प्रदेश के सागर में सामने आया यह मामला किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. आरोपी ने इतनी सफाई से फर्जी दस्तावेज तैयार किए कि बैंक अधिकारियों को जरा‑सा भी शक नहीं हुआ. फर्जी गोल्ड लोन स्लिप, नकली हस्ताक्षर और जाली सील के दम पर आरोपी ने एक के बाद एक बैंक को चकमा दिया और 18 लाख रुपये से ज्यादा की रकम हड़प कर फरार हो गया. अब बैंक अधिकारी हाथ मलते रह गए हैं और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है.

यह सनसनीखेज ठगी सागर के गोपालगंज थाना क्षेत्र की है. यहां दमोह जिले के रहने वाले एक युवक ने गोल्ड लोन ट्रांसफर के नाम पर करीब 18 लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी कर ली. मामला सामने आते ही दोनों संबंधित बैंकों में हड़कंप मच गया और बैंकिंग व्यवस्था की सतर्कता पर सवाल उठने लगे.

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गोल्ड लोन ट्रांसफर का बनाया प्लान

पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता सतीष कुमार यादव ने बताया कि घनश्याम रैकवार नाम का युवक 23 मार्च को उनके बैंक पहुंचा. उसने खुद को ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक, गोपालगंज शाखा का ग्राहक बताया. आरोपी ने कहा कि उसका वहां गोल्ड लोन चल रहा है, लेकिन ब्याज ज्यादा है, इसलिए वह लोन मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड में ट्रांसफर कराना चाहता है.

फर्जी स्लिप से रची पूरी साजिश

आरोपी पहले से पूरी तैयारी करके आया था. उसने एक फर्जी गोल्ड लोन स्लिप तैयार कर रखी थी, जिस पर बैंक मैनेजर के नकली हस्ताक्षर किए गए थे और बैंक की जाली सील भी लगी थी. दस्तावेज इतने असली लग रहे थे कि मणप्पुरम फाइनेंस के अधिकारियों को कोई शक नहीं हुआ और उन्होंने लोन ट्रांसफर की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी.

18 लाख 50 हजार रुपए खाते में आए

24 मार्च को आरोपी बैंक पहुंचा और सभी औपचारिकताएं पूरी कराईं. बैंक ने फर्जी दस्तावेजों पर भरोसा करते हुए 18 लाख 50 हजार रुपये की राशि आरोपी के खाते में ट्रांसफर कर दी. पैसा मिलते ही आरोपी ने अगला बहाना बना लिया. रकम मिलते ही घनश्याम रैकवार ने कहा कि वह पहले पुराने बैंक से खाता बंद कराएगा और फिर सोना लेकर आएगा. यह कहकर वह बैंक से निकला और इसके बाद दोबारा कभी नहीं लौटा. कई दिन तक इंतजार के बाद बैंक अधिकारियों को शक हुआ.

जांच में सामने आई सच्चाई

बैंक ने जब ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक से दस्तावेजों की पुष्टि कराई, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ. जांच में पता चला कि जिस नाम की गोल्ड लोन स्लिप दिखाई गई थी, वह पूरी तरह फर्जी थी और उस नाम का कोई लोन खाता वहां मौजूद ही नहीं था.

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पुलिस ने दर्ज किया केस

सच्चाई सामने आते ही मणप्पुरम फाइनेंस के अधिकारियों ने गोपालगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने आरोपी घनश्याम रैकवार के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है. फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी तलाश की जा रही है.

बैंकिंग सिस्टम पर उठे सवाल

इस घटना ने बैंकिंग सिस्टम की दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जानकारों का कहना है कि अगर समय रहते कागजातों की गहन जांच होती तो इतना बड़ा नुकसान टल सकता था. यह मामला साफ तौर पर दिखाता है कि ठग अब ज्यादा शातिर तरीकों से बैंकों को निशाना बना रहे हैं.

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