एमपी में दवा बन रही 'जहर'! कफ सिरप के बाद आयोडीन सॉल्यूशन के साइड इफेक्ट, जल रही मरीजों की स्किन

मध्य प्रदेश में एक और medicine scandal सामने आया है। शहडोल के Birsa Munda Medical College में Povidone Iodine Solution लगाने के बाद मरीजों की skin burn और allergy की शिकायतें सामने आईं। कई pregnant women को भी परेशानी हुई। स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है और MP health department ने पुराने बैच की दवा पर रोक लगा दी है। मामला राज्य की health crisis 2025 को उजागर करता है।

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Toxic Medicine in MP: मध्य प्रदेश में दवाइयों को लेकर लगातार गंभीर मामले सामने आ रहे हैं। कुछ ही समय पहले कफ सिरप पीने से 20 बच्चों की मौत ने सबको झकझोर दिया था और अब एक और चिंताजनक मामला सामने आया है। शहडोल के बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज में मरीजों की त्वचा पर पोवीडिन आयोडीन सॉल्यूशन लगाने के बाद जलन और स्किन जलने के मामले सामने आए हैं।

संक्रमण से बचाने वाली दवा बनी परेशानी

पोवीडिन आयोडीन सॉल्यूशन एक एंटीसेप्टिक है, जिसे आमतौर पर चोट, घाव या ऑपरेशन से पहले संक्रमण से बचाने के लिए लगाया जाता है। यह दवा बैक्टीरिया और कीटाणुओं को खत्म करती है, ताकि घाव जल्दी भरे। लेकिन अब यही दवा मरीजों के लिए मुसीबत बन गई है। कई लोगों ने इसे लगाने के बाद त्वचा में जलन, खुजली और जलने जैसी समस्याओं की शिकायत की है।

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गर्भवती महिलाओं पर ज्यादा असर

इस दवा के साइड इफेक्ट से सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं में देखी जा रही है। मेडिकल कॉलेज में डिलीवरी या ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर इस सॉल्यूशन का इस्तेमाल करते हैं। पर अब कई महिलाओं ने शिकायत की कि इसे लगाने के कुछ घंटे बाद उनकी त्वचा में जलन और स्किन जलने जैसी समस्या आ रही है। लगातार बढ़ती शिकायतों के बाद प्रशासन ने आखिरकार इस दवा के पुराने बैच का उपयोग रोक दिया।

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नए सॉल्यूशन का उपयोग शुरू 

शिकायतें कई महीनों से आती रहीं, लेकिन मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने शुरुआत में इसे गंभीरता से नहीं लिया। अब जब एक ही हफ्ते में कई मरीजों ने त्वचा संबंधी शिकायतें कीं, तो प्रबंधन हरकत में आया। आनन-फानन में सरकारी सप्लाई वाले इस बैच का इस्तेमाल रोक दिया गया और नए सॉल्यूशन का उपयोग शुरू किया गया।

स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई रिपोर्ट

मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. गिरीश बी. रामटेक ने बताया कि कुछ महिलाओं में सॉल्यूशन लगाने के बाद एलर्जी और जलन की शिकायतें आई हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी महिलाएं तुरंत त्वचा रोग विशेषज्ञों के पास भेजा और उनका इलाज चल रहा है। हालांकि, डीन का कहना है कि यह समस्या केवल कुछ मामलों तक सीमित है, लेकिन फिर भी सुरक्षा के मद्देनजर इस बैच को पूरी तरह बंद कर दिया गया है और स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी भेज दी गई है।

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