मध्य प्रदेश में HPV टीकाकरण अभियान में बड़ी उपलब्धि! 1 लाख से ज्यादा किशोरी बालिकाओं को लगा टीका

मध्य प्रदेश में एचपीवी टीकाकरण अभियान ने बड़ी सफलता हासिल की है. राज्य में 14 वर्ष की 1 लाख से अधिक किशोरी बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीका लगाया गया है. राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस पर मिली इस उपलब्धि में मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, राजगढ़ और खरगोन जिलों का महत्वपूर्ण योगदान रहा.

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HPV Vaccination India 2026: मध्य प्रदेश में HPV टीकाकरण अभियान ने बड़ी सफलता हासिल की है. राज्य में 1 लाख से ज्यादा 14 वर्ष की किशोरी बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी (HPV) का टीका लगाया गया है. राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के मौके पर मिली इस उपलब्धि को लेकर सरकार और प्रशासन उत्साहित है. मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, राजगढ़ और खरगोन जैसे जिलों ने इस अभियान में विशेष योगदान दिया है. लक्ष्य है कि प्रदेश की करीब 8 लाख बालिकाओं तक यह सुरक्षा कवच पहुंचाना.

अभियान की बड़ी उपलब्धि

प्रदेश में चल रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 1 लाख से अधिक किशोरियों को टीका लगाया जा चुका है. यह टीका 14 वर्ष की बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए लगाया जा रहा है. अभियान का फोकस स्कूल‑कॉलिजों और सामुदायिक शिविरों में व्यापक कवरेज सुनिश्चित करना है, ताकि अधिक से अधिक बालिकाएं लाभान्वित हों.

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कब और कैसे शुरू हुआ अभियान?

इस जन‑स्वास्थ्य पहल की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और महिला‑बाल विकास विभाग मिलकर जिले‑जिले में टीकाकरण को आगे बढ़ा रहे हैं. विभिन्न स्थानों पर विशेष टीकाकरण सत्र और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं.

जिलों की भूमिका: ग्राउंड पर तेज रफ्तार

मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, राजगढ़ और खरगोन जिलों ने ज़मीनी स्तर पर शानदार काम किया है. स्कूलों की सूची, अभिभावकों की सहमति, टीका उपलब्धता और टीम तैनाती इन सभी मोर्चों पर समन्वित कोशिश से कवरेज तेज हुआ है. यही वजह है कि शुरुआती चरण में ही आंकड़े उल्लेखनीय रहे.

लक्ष्य और रणनीति

सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की करीब 8 लाख बालिकाओं को एचपीवी टीका दिया जाए. इसके लिए चरणबद्ध योजना बनाई गई है. पहले अधिक भीड़भाड़ वाले शहरी ब्लॉक्स, फिर दूरस्थ और आदिवासी अंचल. मोबाइल टीमें, स्कूल‑आधारित सत्र, और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों पर वॉक‑इन स्लॉट तीनों मॉडल समानांतर चल रहे हैं.

मुख्यमंत्री का संदेश और प्रोत्साहन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए टीमों और जनता को बधाई दी और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में माताओं‑बहनों का स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि लगभग 4,000 रुपये मूल्य का यह टीका 14+ आयु वर्ग की बेटियों को निःशुल्क लगाया जा रहा है और एक डोज़ भविष्य में गर्भाशय एवं ग्रीवा कैंसर के ख़तरे से आजीवन सुरक्षा देने में सहायक होगा.  

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क्यों जरूरी है एचपीवी टीका?

सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे गंभीर कैंसरों में से एक है. एचपीवी वैक्सीन किशोरावस्था में लगाने से भविष्य के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है. टीकाकरण के साथ‑साथ जागरूकता, समय पर जांच और स्वच्छता संबंधी आदतें भी सुरक्षा कवच को और मजबूत बनाती हैं.