MP Gehu Kharidi: छतरपुर में गेहूं उपार्जन पंजीयन संकट में, जियो-ट्रैकिंग की खामियों से किसान परेशान, सरकारी दफ्तरों के काट रहे चक्कर

MP Gehu Kharidi 2026: छतरपुर जिले में अब तक फसल गिरदावरी का करीब 90 प्रतिशत कार्य शेष है. यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो लगभग 8,000 किसान गेहूं उपार्जन पंजीयन से वंचित रह सकते हैं. इस वर्ष जिले में गेहूं की बंपर फसल हुई है, इसके बावजूद किसान पंजीयन की उलझनों में फंसे हुए हैं.

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MP Gehu Kharidi 2026 Registration Last Date: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में गेहूं उपार्जन पंजीयन (Wheat Procurement Registration) को लेकर किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च नजदीक है, लेकिन राजस्व विभाग की लापरवाही और जियो-ट्रैकिंग की तकनीकी खामियों के कारण बड़ी संख्या में किसान अब तक पंजीयन नहीं करा पा रहे हैं.

8,000 किसान गेहूं उपार्जन पंजीयन से रह सकते हैं वंचित

जानकारी के अनुसार, जिले में अब तक फसल गिरदावरी का करीब 90 प्रतिशत कार्य शेष है. यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो लगभग 8,000 किसान गेहूं उपार्जन पंजीयन से वंचित रह सकते हैं. इस वर्ष जिले में गेहूं की बंपर फसल हुई है, इसके बावजूद किसान पंजीयन की उलझनों में फंसे हुए हैं.

जियो-लोकेशन में आ रही समस्या

नई जियो-ट्रैकिंग व्यवस्था में खसरा नंबर पर खेत की जगह तालाब या घर की लोकेशन आ रही है. सर्वे बार-बार किए जाने के बावजूद सही जियो-लोकेशन दर्ज नहीं हो पा रही है. पहले जहां खसरा सीमा से 1850 मीटर तक की दूरी पर भी सर्वे मान्य हो जाता था, वहीं अब जीरो मीटर की सटीक लोकेशन अनिवार्य कर दी गई है. इसी वजह से न तो गिरदावरी पूरी हो पा रही है और न ही पंजीयन.

सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे किसान

किसान सहकारिता समितियों और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं. वहीं प्रशासन और राजस्व अमला भी नई प्रणाली के चलते दबाव में है. किसानों की मांग है कि या तो जियो-ट्रैकिंग की तकनीकी खामियां तत्काल दूर की जाएं या पंजीयन की अवधि बढ़ाई जाए, ताकि वो अपनी मेहनत की फसल को सरकारी उपार्जन में बेच सकें.

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गेहूं उपार्जन पंजीयन की अंतिम तारीख 7 मार्च

मध्यप्रदेश सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026‑27 के लिए समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं उपार्जन (Gehu Uparjan) पंजीयन के लिए तारीख 7 फरवरी से 7 मार्च 2026 तय की है. इसके लिए राज्यभर में 3186 पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए हैं. इस वर्ष केंद्र सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है.

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