Jitu Patwari Controversy: एमपी कांग्रेस में नए और पुराने नेताओं के बीच तालमेल की कमी को लेकर उठ रही चर्चाओं के बीच खामोश बैठे पूर्व मंत्री अजय सिंह ‘राहुल भैया' फिर से सक्रिय हो गए हैं. ग्वालियर–चंबल अंचल के उनके दौरे ने राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है. सबसे खास बात यह है कि राहुल भैया इस दौरे में सिर्फ वरिष्ठ नेताओं से उनके घर जाकर मुलाकात कर रहे हैं, जबकि पार्टी की ओर से कोई औपचारिक कार्यक्रम तय नहीं किया गया है.
वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात का दौर शुरू
ग्वालियर–चंबल अंचल में पहुंचे राहुल भैया अपने तीन दिवसीय दौरे में लगातार वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं से उनके घर जाकर मिल रहे हैं. उन्होंने ग्वालियर में पूर्व मंत्री बालेदु शुक्ला और भगवान सिंह यादव समेत कई नेताओं से मुलाकात की. उनका कहना है कि उनका लक्ष्य सिर्फ कांग्रेस को मजबूत करना है और इसी उद्देश्य से वे व्यक्तिगत रूप से नेताओं से संपर्क कर रहे हैं.
राजनीति से दूरी के बाद फिर सक्रियता
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के बेटे और विंध्य क्षेत्र के कद्दावर नेता अजय सिंह पिछला विधानसभा चुनाव हारने के बाद राजनीतिक रूप से कुछ हद तक हाशिये पर चले गए थे. अब वे अपनी सक्रियता को फिर बढ़ा रहे हैं और इसकी शुरुआत उन्होंने उस ग्वालियर–चंबल अंचल से की है, जहां उनके पिता का वर्षों तक मजबूत जनाधार रहा है.
कांग्रेस संगठन की कार्यशैली पर सवाल
राहुल भैया से जब यह पूछा गया कि क्या प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ नेताओं के बीच समन्वय की कमी है? तो उन्होंने सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा कि इस सवाल का जवाब जीतू पटवारी ही देंगे. उनके इस बयान को वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी और आपसी तालमेल की कमी की ओर इशारा माना जा रहा है.
पार्टी संगठन की चुप्पी और बढ़ते सवाल
दौरे की खास बात यह है कि कांग्रेस संगठन ने किसी भी जिले में उनके लिए कोई कार्यक्रम तय नहीं किया. इससे पार्टी के भीतर चल रहे भीतरघात, मतभेद और नेतृत्व के प्रति असंतोष की चर्चाएं और तेज हो गई हैं. बावजूद इसके, राहुल भैया का कहना है कि वे किसी विवाद में नहीं पड़ना चाहते और केवल संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं.