MP में अगले 4 दिन भारी बारिश नहीं; किसानों की बढ़ी टेंशन, छत्तीसगढ़ में आज गरज-चमक और बारिश के आसार

मध्य प्रदेश में मानसून उम्मीद के मुताबिक सक्रिय नहीं हो पाया है. राज्य के 55 में से 42 जिले सामान्य बारिश से पीछे चल रहे हैं और अब तक 13% वर्षा की कमी दर्ज की गई है. मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक भारी बारिश की संभावना से इनकार किया है, जबकि छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश और वज्रपात के आसार बने हुए हैं.

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मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ मौसम अपडेट: कहां होगी बारिश, कहां रहेगा सूखा असर?

Weather forecast MP CG: मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है और अगले चार दिनों तक भारी बारिश की संभावना भी नहीं जताई गई है. मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक औसत से 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. राज्य के 55 जिलों में से 42 जिले सामान्य वर्षा से पीछे चल रहे हैं, जबकि केवल 13 जिलों में औसत से अधिक बारिश हुई है. पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में वर्षा की कमी बनी हुई है. वहीं छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा और गरज-चमक के साथ वज्रपात की संभावना जताई गई है. मौसम वैज्ञानिक लगातार बदल रही मानसूनी परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए हैं.

मध्य प्रदेश में 13 फीसदी कम बारिश

मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक औसत 15.4 इंच (390.3 मिमी) बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि इस अवधि तक 17.6 इंच (448.4 मिमी) वर्षा होनी चाहिए थी. इस तरह प्रदेश में करीब 2.3 इंच यानी 13 प्रतिशत कम पानी गिरा है. आंकड़ों के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 प्रतिशत और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 11 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है. इससे कृषि और जलस्रोतों को लेकर चिंता बढ़ने लगी है.

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42 जिले सामान्य वर्षा से पीछे

प्रदेश के 55 जिलों में से 42 जिलों में औसत से कम बारिश हुई है. इनमें अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडोरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, सीधी, सिंगरौली, आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, भोपाल, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा शामिल हैं. मौसम विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में मानसून की गतिविधियां अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाई हैं.

इन जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

वहीं प्रदेश के 13 जिलों में औसत से अधिक वर्षा दर्ज की गई है. इनमें मऊगंज, उमरिया, शहडोल, टीकमगढ़, खंडवा, बड़वानी, खरगोन, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, राजगढ़ और सीहोर शामिल हैं. इन जिलों में मानसून अपेक्षाकृत अधिक सक्रिय रहा, जिससे सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई.

अगले चार दिन भारी बारिश के संकेत नहीं

मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल मध्य प्रदेश में अगले चार दिनों तक भारी बारिश की कोई मजबूत संभावना नहीं दिखाई दे रही है. हालांकि कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं. मानसून की सक्रियता में कमी का असर प्रदेश के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है, जहां किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं.

छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम बारिश के आसार

छत्तीसगढ़ में आज कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात की आशंका भी व्यक्त की है. राजधानी रायपुर में आकाश आंशिक रूप से मेघमय रहने तथा गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. यहां अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.

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बस्तर और दुर्ग संभाग में हुई बारिश

31 जुलाई को प्रदेश के बस्तर और दुर्ग संभाग के जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हुई. राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस रायपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस पेण्ड्रा रोड में रिकॉर्ड किया गया.

मौसम प्रणाली बनी हुई सक्रिय

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विदर्भ और उससे सटे दक्षिणी मध्य प्रदेश के ऊपर एक अवदाब क्षेत्र बना हुआ है. वहीं औसत समुद्र तल पर मानसून द्रोणिका जैसलमेर, उदयपुर, इंदौर, पश्चिमी विदर्भ एवं दक्षिणी मध्य प्रदेश के अवदाब केंद्र से होते हुए गोपालपुर तक और वहां से दक्षिण-पूर्व दिशा में मध्य बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है. मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इन प्रणालियों में होने वाले बदलाव के आधार पर मानसूनी गतिविधियों में तेजी या कमी देखने को मिल सकती है.

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