Students Drank Alcohol: पिपराही आदिवासी छात्रावास में अनुशासन की उड़ी धज्जियां: नाबालिग छात्रों ने पहले पी शराब... फिर भोजपुरी गानों पर लगाए ठुमके

Mauganj Tribal Senior Boys Hostel Piprahi: गणतंत्र दिवस के मौके पर कुछ पराही आदिवासी छात्रावास के छात्र पास के एक स्थानीय ढाबे में पहुंचे, जहां उन्होंने शराब पी. इसके बाद छात्रावास में डीजे लगाकर भोजपुरी और फूहड़ गानों पर ठुमके लगाए.

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Mauganj Students Drank Alcohol: मऊगंज जिले से गणतंत्र दिवस के दिन एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिससे आदिवासी सीनियर बालक छात्रावास पिपराही की व्यवस्था और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. दरअसल, जहां एक ओर पूरा देश 26 जनवरी को देशभक्ति और सम्मान के साथ मना रहा था, वहीं दूसरी ओर मऊगंज के पिपराही के सीनियर बालक छात्रावास परिसर में छात्र शराब पीकर भोजपुरी गानों पर डांस करते नजर आए. वहीं बच्चों के संग छात्रावास कर्मचारी भी थिरकते नजर आए. 

पहले ढाबे पर शराब पी... फिर फूहड़ गानों पर किया डांस

इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो के आधार पर दावा किया जा रहा है कि ये छात्र आदिवासी सीनियर बालक छात्रावास पिपराही में रहने वाले हैं. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. 

सूत्रों के अनुसार, गणतंत्र दिवस के मौके पर कुछ छात्र पास के एक स्थानीय ढाबे में पहुंचे, जहां उन्होंने शराब पी. इसके बाद वो छात्रावास लौटे और वहां डीजे लगाकर भोजपुरी और फूहड़ गानों पर नाचते लगे. बताया जा रहा है कि सुबह से लेकर शाम करीब 4 बजे तक छात्रावास में तेज आवाज में गाने बजते रहे. इतना ही नहीं बालक छात्रावास से बालिकाओं को भी बुलाकर कार्यक्रम में शामिल किया गया. इस दौरान बालिकाएं भी ऐसे भोजपुरी गाने पर डांस करते हुए दिखीं. 

इस पूरे मामले में छात्रावास अधीक्षक रामानुज यादव की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. अधीक्षक अक्सर छात्रावास में कम ही आते हैं. जिम्मेदारी तय करना प्रशासन का काम है.

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वीडियो वायरल

इस मामले का खुलासा 4 मिनट 30 सेकंड के एक वीडियो से हुआ है, जो उसी ढाबे के अंदर से रिकॉर्ड किया गया है. वीडियो में एक छात्र खुद को आदिवासी सीनियर बालक छात्रावास का निवासी बताते हुए कहता है कि वो हाई सेकेंडरी पिपराही में 11वीं कक्षा में पढ़ता है. वो यह भी दावा करता है कि अधीक्षक कभी-कभार ही छात्रावास आते हैं और इसी वजह से वो लोग कभी-कभी “एंजॉय” करने के लिए ढाबे तक चले जाते हैं.

वहीं ढाबे के संचालक ने इस पूरे मामले से इनकार करते हुए कहा है कि उनके यहां इस तरह की कोई गतिविधि नहीं हुई, लेकिन वायरल वीडियो में शराब बिकने और छात्रों के मदिरापान करने का दावा किया जा रहा है, जिससे ढाबा संचालक के बयान और वीडियो के बीच विरोधाभास नजर आता है.

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ग्रामीणों का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि छात्रावास में अनुशासन को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं. उनका आरोप है कि निगरानी की कमी के कारण छात्र और यह पदस्थ कर्मचारी जिम्मेदार मनमर्जी करते हैं.

इसके पहले भी छात्रावास की जमीनी हकीकत को NDTV ने प्रमुखता से दिखाया था, जहां पूरा छात्रावास सिर्फ एक अतिथि शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहा था. NDTV ने बात जिला प्रशासन तक पहुंचाई थी, जिसके बाद कलेक्टर संजय जैन ने एसडीएम रश्मि चतुर्वेदी को जांच कर कार्रवाई के निर्देश भी दिए थे, लेकिन आज तक न जांच हुई और न ही कोई कार्रवाई की गई. ऐसे में जिम्मेदार कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों में लापरवाही करने में अमादा हो गए. 

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अब ऐसे में बड़ा सवाल उठ रहा है कि क्या छात्रावास में ऐसा कार्यक्रम करने और बालिकाओं को शामिल करने के लिए आखिर किसने अनुमति दी? जब ये सब हो रहा था छात्रावास अधीक्षक कहां थे?

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