Bhavantar payment 2026: मंदसौर में गुरुवार को आयोजित अन्नदाता सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए बड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि मौसम चाहे जैसा भी हो, किसान सालभर अपने खेत‑खलिहान की चिंता करता है. अब हालात बदल रहे हैं सरकार किसानों की ढाल बनकर साथ खड़ी है. इसी भरोसे को मजबूत करते हुए मुख्यमंत्री ने भावांतर भुगतान योजना की अंतिम किश्त के तहत प्रदेश भर के किसानों के खातों में करीब 200 करोड़ रुपये अंतरित किए.
अन्नदाता सम्मान समारोह में किसानों से सीधा संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में अन्नदाता सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि किसान हमारी संस्कृति की धरोहर हैं और प्रदेश की अर्थव्यवस्था के वास्तविक कर्णधार हैं. किसानों के जीवन में समृद्धि लाना, उनके खेत‑खलिहानों और घरों में खुशहाली पहुँचाना ही सरकार का एकमात्र लक्ष्य है.
1.17 लाख किसानों को मिली 200 करोड़ की राहत
मुख्यमंत्री ने बताया कि भावांतर भुगतान योजना की अंतिम किश्त के रूप में प्रदेश के 1 लाख 17 हजार किसानों के खातों में लगभग 200 करोड़ रुपये डाले गए हैं. योजना की शुरुआत से अब तक 7 लाख 10 हजार से अधिक किसानों को करीब 1500 करोड़ रुपये की भावांतर राशि दी जा चुकी है.
मंदसौर के किसानों को भी मिला सीधा फायदा
इस भुगतान में मंदसौर जिले के किसान भी शामिल रहे. यहां के 27 हजार से अधिक किसानों के खातों में करीब 43 करोड़ रुपये की राशि पहुंची. मुख्यमंत्री ने प्रतीकात्मक रूप से पांच किसानों रघुवीर सिंह (95 हजार), मुकेश पाटीदार (73 हजार), ओमकार सिंह (64 हजार), रामदयाल और जगदीशचंद्र पाटीदार को चेक सौंपे.
वीरता को सम्मान, शहीद पिता के पुत्र को नौकरी
मल्हारगढ़ सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने एक भावुक क्षण में मनोहर सिंह चौहान के पुत्र संजय सिंह को अनुकम्पा नियुक्ति पत्र सौंपा. मनोहर सिंह ने एक दुर्घटना में पानी में डूबती कार से चार लोगों की जान बचाई थी, लेकिन स्वयं की जान गंवा बैठे. मुख्यमंत्री ने इसे शौर्य का सम्मान बताते हुए कहा कि ऐसी वीरता को सम्मानित करना सरकार का कर्तव्य है.
मंदसौर को मिली विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री ने जिले को कई बड़ी परियोजनाओं की सौगात दी. इनमें मंदसौर‑नीमच स्टेट हाईवे पर 4‑लेन फ्लाईओवर (51.91 करोड़), पिपलिया मंडी में रेलवे अंडरब्रिज (5.53 करोड़) का भूमि‑पूजन और मल्हारगढ़ रेलवे स्टेशन से नारायणगढ़ मार्ग पर नवनिर्मित अंडरपास (2.06 करोड़) का लोकार्पण शामिल है. इसके अलावा पिपलियामंडी में नया फ्लाईओवर, भुवानी माता मंदिर का जीर्णोद्धार, काका गाडगिल सागर डेम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और भगवान श्री पशुपतिनाथ लोक जैसी परियोजनाओं की भी घोषणा की गई.
भावांतर योजना: किसानों को पूरा दाम दिलाने की पहल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने किसानों के हित में भावांतर भुगतान जैसी योजना को सरकारी व्यवस्था के माध्यम से लागू किया. इस योजना से विशेषकर सोयाबीन उत्पादक किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिला है. उन्होंने कहा कि किसानों के पसीने और परिश्रम से ही मध्यप्रदेश की पहचान है.
सरसों‑मूंगफली भी जल्द भावांतर के दायरे में
किसानों के हित में एक और बड़ा संकेत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में सरसों और मूंगफली की फसल को भी भावांतर भुगतान योजना में शामिल किया जाएगा. इसके साथ ही कृषि कल्याण वर्ष‑2026 में किसानों को कृषि‑आधारित उद्योगों और खाद्य प्रसंस्करण से जोड़कर वैल्यू एडिशन को बढ़ावा दिया जाएगा.
रोजगार पर भी सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं को रोजगार देने का वादा तेजी से पूरा हो रहा है. अब तक 60 हजार पदों पर भर्ती की जा चुकी है और अगले पांच साल में ढाई लाख नई नौकरियां दी जाएंगी. मंदसौर और नीमच में मेडिकल कॉलेज के साथ‑साथ मंदसौर को नर्सिंग कॉलेज की सौगात भी दी जा चुकी है.
मंदसौर की पहचान और भविष्य की दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदसौर की भूमि उपजाऊ है और यहां का लहसुन विश्व‑प्रसिद्ध है. श्वेत, हरित और नील क्रांति में अव्वल मंडला की पहचान आगे और मजबूत हो रही है. कूनो के बाद चीते मंदसौर की धरती पर पहुंचना भी क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है.