भिंड में बड़ा फर्जी हथियार लाइसेंस घोटाला, सबूत मिटाने की कोशिश; आर्म्स शाखा प्रभारी सस्पेंड

भिंड जिले में फर्जी हथियार लाइसेंस घोटाले की जांच चल रही है. आर्म्स शाखा प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है और मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है.

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भिंड जिले में बड़ा फर्जी हथियार लाइसेंस घोटाला सामने आया है. इस सनसनीखेज प्रकरण ने जिला प्रशासन और पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मामले में आर्म्स शाखा प्रभारी मधुबाला मौर्य की अहम भूमिका सामने आने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है.

बिना अनुमति के पोर्टल पर चढ़ाए लाइसेंस

जांच में खुलासा हुआ है कि आर्म्स शाखा प्रभारी ने बगैर सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के कई हथियार लाइसेंसों की सरकारी पोर्टल पर एंट्री कर दी. नियमानुसार, हथियार लाइसेंस जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन, दस्तावेजों की जांच और सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी आवश्यक होती है, लेकिन इस मामले में पूरी प्रक्रिया को दरकिनार किया गया.

खुलासा होते ही सबूत मिटाने की कोशिश

जैसे ही फर्जीवाड़ा उजागर हुआ, संबंधित हथियार लाइसेंसों को आनन-फानन पोर्टल से डिलीट करने का प्रयास किया गया. जांच अधिकारियों के अनुसार, यह कदम सबूत छिपाने की नीयत से उठाया गया, जिससे मामला और गंभीर हो गया.

अपर कलेक्टर की जांच में उजागर हुई भूमिका

कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर कलेक्टर एलके पांडेय की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की थी. समिति ने दस्तावेजों, फाइलों और पोर्टल रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की. रिपोर्ट में आर्म्स शाखा प्रभारी की सीधी और महत्वपूर्ण भूमिका स्पष्ट रूप से सामने आई, जिसके बाद रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी गई थी. कलेक्टर ने आर्म्स शाखा में डबल ताला डलवा दिया है, जिससे रिकॉर्ड में कोई छेड़छाड़ न हो.

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दूसरे जिले के अधिकारियों से होगी निष्पक्ष जांच

जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कलेक्टर ने मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए इसे दूसरे जिले के अधिकारियों से कराने का प्रस्ताव चंबल संभाग के कमिश्नर को भेजा है. इससे यह संकेत मिलता है कि प्रशासन इस मामले में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करना चाहता.

पुलिस की कार्रवाई, गिरफ्तारियां शुरू

पुलिस ने इस मामले में अब तक 6 फर्जी हथियार लाइसेंसधारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. कुछ आरोपियों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है.

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यूपी कनेक्शन ने बढ़ाई चिंता

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस फर्जीवाड़े में भिंड से सटे उत्तर प्रदेश के लखना क्षेत्र के एक युवक की भूमिका रही है. आशंका है कि यह युवक फर्जी लाइसेंस बनवाने और हथियारों की खरीद-फरोख्त के नेटवर्क से जुड़ा हुआ है. उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है