मध्य प्रदेश के मैहर जिले की होनहार खिलाड़ी उद्रेका सिंह बघेल ने एक बार फिर आइस स्केटिंग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है. उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है. उद्रेका मध्यप्रदेश के लिए साल 2026 का पहला स्वर्ण पदक लेकर आई हैं.
लेह में दिखाया दमदार प्रदर्शन
लेह (लद्दाख) में आयोजित खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 के तीसरे दिन मध्यप्रदेश की उद्रेका सिंह बघेल और तमिलनाडु के अविक्षित विजय विश्वनाथ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया.
उद्रेका ने 500 मीटर लॉन्ग ट्रैक फिगर स्केटिंग की महिला वर्ग स्पर्धा में गोल्ड जीतकर प्रदेश को गौरवान्वित किया. वहीं पुरुष वर्ग में अविक्षित विजय विश्वनाथ विजेता बने.
मैहर की बेटी, देश की पहचान
उद्रेका सिंह बघेल मैहर जिले के देवराजनगर निवासी भंवर सिंह की सुपुत्री हैं. वह लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर भारत का नाम रोशन कर रही हैं.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लहराया तिरंगा
इससे पहले जनवरी माह में फिलीपींस की राजधानी मनीला में 10 और 11 जनवरी को आयोजित साउथ ईस्ट एशियन आइस स्केटिंग ट्रॉफी में भी उद्रेका का प्रदर्शन भारत के लिए ऐतिहासिक रहा. इंडोनेशिया, सिंगापुर, हांगकांग (चीन), ताइवान सहित एशिया के मजबूत स्केटिंग देशों के खिलाड़ियों के बीच उन्होंने आत्मविश्वास, तकनीकी दक्षता और धैर्य का बेहतरीन प्रदर्शन किया.
तीन रजत पदक जीतकर बढ़ाया भारत का मान
उद्रेका ने शॉर्ट ट्रैक, 3000 मीटर वुमेन्स रिले और 2000 मीटर मिक्स रिले स्पर्धाओं में तीन रजत पदक जीतकर भारत का तिरंगा गर्व से लहराया. हर स्पर्धा में पदक जीतना उनकी मेहनत और निरंतर अभ्यास का प्रमाण है.
100 से ज्यादा पदक, बहन से मिलती है प्रेरणा
अब तक 100 से अधिक पदक जीत चुकीं उद्रेका की यह सफलता वर्षों की कड़ी मेहनत और परिवार के निरंतर सहयोग का परिणाम है. वह अपनी बड़ी बहन विशेषता सिंह को अपना प्रेरणास्रोत मानती हैं.
मैहर और सतना अंचल के लिए गर्व का पल
खेलो इंडिया विंटर गेम्स और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय दल की ओर से पदक जीतकर उद्रेका और अविक्षित ने देश का मान बढ़ाया है. यह मैहर और सतना अंचल के लिए गर्व की बात है कि गांव-घर की बेटी आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिसाल बन चुकी है.