करोड़ों का फर्जीवाड़ा उजागर होते ही तीन प्राचार्य व चपरासी सस्पेंड, 11 प्रिंसिपल पर भी हो सकती है कार्रवाई

मैहर में 3.72 करोड़ का फर्जीवाड़ा उजागर होते ही तीन प्राचार्य व भृत्य सस्पेंड हो गए हैं. जबकि 11 प्रिंसिपल के खिलाफ भी जांच चल रही है. 

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के मैहर जिले से एक बड़ी खबर है. यहां के रामनगर विकासखंड अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक और  हाईस्कूलों में लघु निर्माण कार्य, सायकल स्टैंड और पार्किंग शेड निर्माण के नाम पर हुए 3.72 करोड़ रुपए के फर्जीवाड़े के मामले में अंततः कार्रवाई का दौर तेज हो गया है. मंगलवार को संयुक्त संचालक के द्वारा तीन प्रचार्यों को निलंबित कर दिया गया है. वहीं डीईओ ने इसी मामले में भृत्य को भी सस्पेंड कर दिया है. यही नहीं जांच के लिए दो और कमेटी बना दी गई हैं. एक कमेटी ऑडिट करेगी और दूसरी तकनीकी साक्ष्य एकत्र करेगी.

ठेकेदार और प्राचार्यों के बीच की मुख्य कड़ी चपरासी ही था. कलेक्टर मैहर के आदेश पर गठित जांच समिति की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर पांच प्रचार्यों के खिलाफ कार्यवाही का प्रस्ताव जेडी रीवा को भेजा गया. जिसमें से तीन प्रचार्यों को निलंबित कर दिया गया, जबकि सागौनी और बड़वार के प्राचार्य का निलंबन होल्ड पर है. जबकि हाईस्कूल मनकहरी के प्राचार्य राजेश कुमार साकेत, छिरहाई के रामाधार वर्मा और मझटोलवा प्राचार्य कामता प्रसाद तिवारी को जेडी ने निलंबित कर दिया है.

किसने कितना भुगतान किया

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मझटोलवा के प्राचार्य कामता प्रसाद तिवारी ने श्री महाकाल ट्रेडर्स के नाम पर 2389845 रुपए का भुगतान किया था. वहीं छिरहाई प्राचार्य ने महाकाल के नाम पर ही 2494674 रुपये और मनकहरी प्राचार्य ने वाणी इंफ्रास्ट्रक्चर और मटेरियल सप्लायर के नाम पर 2479383 रुपये का भुगतान किया है.

कहां पेंडिंग कार्यवाई

कमिश्नर रीवा- 7 प्राचार्य के प्रस्ताव
सीईओ जिपं- एक प्राचार्य
जेडी रीवा- दो प्राचार्य

बाबू सह भृत्य करता था मध्यस्थता

संबंधित कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. अनुविभागीय अधिकारी रामनगर की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की गई थी. समिति ने प्राथमिक जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया. जांच में पाया गया कि सांदीपनी शासकीय उमावि रामनगर में पदस्थ भृत्य विनोद कुमार पटेल कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी रामनगर में देयक तैयार करने और उन्हें कोषालय में प्रस्तुत करने से संबंधित दायित्व का निर्वहन कर रहे थे. जांच प्रतिवेदन के अनुसार भृत्य पटेल द्वारा प्राचार्यों से कथित रूप से कूटरचित देयकों एवं स्वीकृति आदेशों पर हस्ताक्षर कराए गए और उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर कोषालय में देयक प्रस्तुत किए गए. समिति ने इस कृत्य को शासन के प्रति संदिग्ध निष्ठा का मामला माना है.

Advertisement

प्रशासन ने इसे म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन मानते हुए म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत कार्रवाई करते हुए विनोद कुमार पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.

विभाग में खलबली

नियम विरुद्ध भुगतान के मामले में अब तक तीन लोगों को निलंबित किया जा चुका है. हाई स्कूल सुलखमा के प्राचार्य रामलाल साकेत को निलंबित किया गया. निलंबन के पश्चात अन्य स्कूलों का खेल भी उजागर हुआ जिसके बाद बीईओ रामनगर को भी निलंबित करने का आदेश जारी हुआ था. वहीं अब तीसरे का निलंबन होने के बाद विभाग में खलबली मची हुई है. दो कमेटी अब अलग एंगल से जांच कर रही हैं.

Advertisement

ये भी पढ़ें वाह रे सिस्टम! डॉक्टर ने मृतक को दी आराम की सलाह, मौत के एक साल बाद बनाया मेडिकल सर्टिफिकेट

Topics mentioned in this article