MP Weather: मध्य प्रदेश में गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली. उज्जैन, रतलाम, पांढुर्णा, बैतूल, मैहर, बड़वानी और अंजड समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई. उज्जैन के ग्रामीण क्षेत्रों में ओले गिरने से गेहूं और चना की फसल जमीन पर गिर गई, जबकि कटी हुई फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा. रतलाम में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ गई.
आकाशीय बिजली और हादसे, एक महिला की मौत
खरगोन जिले के झिरन्या क्षेत्र में खेत पर काम कर रही एक महिला पर आकाशीय बिजली गिरने से उसकी मौत हो गई. वहीं सिवनी जिले के लखनादौन क्षेत्र में बिजली गिरने से खेत में रखी कटी फसल में आग लग गई.
फसलों पर बड़ा खतरा, गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका
लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि के कारण खेतों में नमी बढ़ गई है. विशेषज्ञों के अनुसार इससे गेहूं और दलहन के दाने काले पड़ सकते हैं, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होंगे. पांढुर्णा में करीब 35 मिनट तक चली ओलावृष्टि से गेहूं की खड़ी फसल और संतरे के बागानों को भारी नुकसान हुआ. किसानों ने प्रशासन से सर्वे और मुआवजे की मांग की है.
उज्जैन में बदला मौसम: ग्रामीण क्षेत्रों में ओले गिरने से फसल संकट, शहर में बारिश से मिली राहत
बदलते मौसम से बढ़ी चिंता, कटाई पर असर
अंजड, बड़वानी और मैहर समेत कई इलाकों में आसमान में घने बादल छा गए हैं. गेहूं और चना की कटाई के बीच मौसम के इस बदलाव ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है. किसानों का कहना है कि अगर बारिश जारी रही, तो छह महीने की मेहनत पर पानी फिर सकता है. कई जगह खेतों में कटी फसल पड़ी है, जो बारिश से खराब हो सकती है.
33 जिलों में अलर्ट, तेज हवाओं की चेतावनी
मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत 33 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है. सिवनी, मंडला और बालाघाट में ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है. अगले तीन दिनों तक 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. जबलपुर, धार और छिंदवाड़ा में भी ओले गिरने और बिजली चमकने का अनुमान है.
तापमान में गिरावट, गर्मी से राहत
बारिश और बादलों के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. लोगों को गर्मी से राहत मिली है और मौसम में हल्की ठंडक घुल गई है. मौसम विभाग के अनुसार 19 और 20 मार्च को मौसम का असर सबसे ज्यादा रहेगा, जबकि 22 मार्च के बाद मौसम साफ होने की संभावना है. मध्य प्रदेश में बदले मौसम ने जहां आम लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों के लिए यह चिंता का कारण बन गया है. ओलावृष्टि और बारिश से फसलों को नुकसान का खतरा मंडरा रहा है. आने वाले कुछ दिन किसानों के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं.
बड़वानी में बेमौसम बारिश से बढ़ी किसानों की चिंता
बड़वानी जिले में अचानक बदले मौसम ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है. शाम होते-होते आसमान में काले बादल छा गए और रात करीब 9 बजे तेज हवा व आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई. इस दौरान कई जगहों पर ओलावृष्टि भी हुई, जिससे हालात और खराब हो गए.
करीब आधे घंटे तक चली इस बारिश ने खेतों में काटकर रखी फसलों को नुकसान पहुंचाया है. कई किसानों की फसल अभी भी खेतों में पड़ी हुई है, ऐसे में बारिश से खराब होने का खतरा बढ़ गया है.
किसानों का कहना है कि अगर मौसम इसी तरह खराब बना रहा, तो उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फिर सकता है. पहले से ही परेशान किसानों के लिए यह बेमौसम बारिश नई मुसीबत बनकर सामने आई है. फिलहाल किसान मौसम साफ होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं.
हरदा जिले में तेज बारिश से बढ़ी किसानों की चिंता
एमपी के हरदा जिले में अचानक हुई तेज बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. खेतों में पक चुकी गेहूं और चने की फसल पूरी तरह तैयार खड़ी है, लेकिन बेमौसम बारिश से कटाई प्रभावित हो रही है. किसानों का कहना है कि बारिश से फसल गिरने और भीगने का खतरा बढ़ गया है, जिससे गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बारिश से गेहूं और चने की फसल को भारी नुकसान हो सकता है, वहीं मंडियों में आवक भी प्रभावित होने की संभावना है. किसान अब मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि फसल की कटाई कर सुरक्षित भंडारण किया जा सके.
इंदौर में भी अचानक बदला मौसम
इंदौर में मौसम ने अचानक करवट ली. 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं और शहर के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई.