Madhya Pradesh Weather Alert: मध्य प्रदेश में मार्च के इन दिनों मौसम ने करवट ऐसी ली कि किसानों की सालभर की मेहनत क्षणभर में मिट्टी में मिलती दिखी. 18 से 21 मार्च के बीच कई जिलों में बेमौसम बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि हुई. खेतों में तैयार खड़ी रबी की फसलें जगह-जगह गिर पड़ीं और नुकसान का आंकड़ा करोड़ों में पहुंच गया. हालात को देखते हुए मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए चेतावनी जारी की है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है.
शिवपुरी: ओलों और बारिश से खेतों में पसरा सन्नाटा
शिवपुरी में शुक्रवार से बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी. कई गांवों में गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई. ऐसे दृश्य भी दिखे जब अपनी बर्बाद फसल देख एक महिला किसान माथा पकड़कर बैठ गई. जिले के करीब डेढ़ दर्जन गांवों में हजारों–लाखों बीघा फसल को भारी नुकसान हुआ और किसान हताश नजर आए.
अशोकनगर: कटकर पड़ी फसलें भीगकर हुईं खराब
अशोकनगर जिले में मौसम अचानक पलटा 20 मार्च की शाम को बारिश हुई और सुबह घना कोहरा छा गया. गेहूं, चना, मसूर और धनिया की फसलों पर सबसे ज्यादा मार पड़ी. जिन खेतों में फसल कटकर पड़ी थी, वे पानी और तेज हवाओं से बिगड़ गईं. गेहूं की पकी बालियों पर पानी गिरने से दानों की चमक उतर गई और कई जगह दाने काले पड़ते दिखे. मौसम विभाग का अलर्ट जारी है, इसलिए किसानों की बेचैनी भी बढ़ी हुई है.
रायसेन: चने के आकार के ओले, मेहनत पर गिरी चोट
रायसेन के दर्जनों गांवों में मौसम ने अचानक करवट ली और चने के आकार के ओले गिरे. गेहूं, चना और मसूर जैसी खड़ी फसलों को इससे भारी नुकसान पहुंचा. ओले और बारिश की मार से खेत झकझोर गए, किसान रातभर जागते रहे. अगर यही मिजाज कुछ और दिन रहा, तो उनकी पूरी मेहनत पर पानी फिर सकता है.
मैहर: घनघोर बारिश से विजिबिलिटी 90 मीटर
मैहर के अमरपाटन क्षेत्र में देर रात तेज बारिश और बादलों की गरज से हालात बिगड़े. विज़िबिलिटी घटकर करीब 90 मीटर रह गई, जिससे रातभर सड़क यातायात प्रभावित रहा. तापमान में गिरावट से ठंडक तो महसूस हुई, लेकिन कम दिखाई देने की वजह से यात्रियों को खासा ध्यान देकर चलना पड़ा.
42 जिलों में बारिश-ओले, तेज हवा का खतरा
पिछले तीन दिनों में प्रदेश के करीब 42 जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि दर्ज हुई. अनेक इलाकों में गेहूं, पपीता, केला और संतरे की फसलें बुरी तरह प्रभावित रहीं. ग्वालियर में दिन-रात के तापमान में लगभग 4.7 डिग्री तक का फर्क देखने को मिला, जिससे ठंडक बढ़ी. अगले 48 घंटों में टीकमगढ़, सतना, रीवा, सिंगरौली, मऊगंज, कटनी और सीधी सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, ओले और 40–60 किमी/घंटा तक की हवा चलने की आशंका जताई गई है. मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 22–23 मार्च तक यह सिस्टम कमजोर पड़ सकता है, लेकिन तब तक सावधानी जरूरी है.