MP Bus Operators Strike : 2 मार्च से करेंगे अनिश्चितकालीन हड़ताल, होली से पहले क्‍यों नहीं चलेंगी बसें?

MP Bus Strike 2026: सागर सहित पूरे मध्य प्रदेश में बस ऑपरेटरों ने 2 मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है. उनका कहना है कि टैक्स वृद्धि और मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन ने उनके व्यवसाय पर अतिरिक्त बोझ डाला है. आइए जानते हैं क‍ि होली पर्व से पहले वे यह कदम क्‍यों उठा रहे हैं?

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MP Bus Strike 2026: मध्य प्रदेश में बस ऑपरेटरों ने 2 मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है. उनका कहना है कि टैक्स वृद्धि और मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन ने उनके व्यवसाय पर अतिरिक्त बोझ डाला है. यदि सरकार एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों पर निर्णय नहीं करती, तो 4 मार्च को होली से पहले प्रदेश में बस सेवाएं ठप हो सकती हैं.

सागर के बंडा रोड स्थित एक निजी गार्डन में आयोजित प्रदेश स्तरीय सम्मेलन में प्रदेश के 55 जिलों से यूनियन पदाधिकारी और बस ऑपरेटर शामिल हुए. सम्मेलन में सर्वसम्मति से आंदोलन की रूपरेखा तय की गई. पदाधिकारियों ने कहा कि 23 फरवरी से सभी जिलों में मुख्यमंत्री और परिवहन आयुक्त के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे. यदि सात दिन के भीतर सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी.

टैक्स वृद्धि का विरोध

बस ऑपरेटरों की प्रमुख मांग बसों पर लगने वाले टैक्स को लेकर है. उनका कहना है कि पहले जो टैक्स 12 प्रतिशत था, उसे बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे परिवहन व्यवसाय पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है. डीजल की बढ़ती कीमत, मेंटेनेंस खर्च और अन्य प्रशासनिक शुल्क पहले से ही संचालकों के लिए चुनौती बने हुए हैं. ऐसे में टैक्स वृद्धि ने स्थिति और कठिन बना दी है.

मोटर व्हीकल एक्ट संशोधन पर आपत्ति

संतोष पांडेय, अध्यक्ष, बस ऑनर्स एसोसिएशन ने बताया कि संघ ने 24 दिसंबर 2025 से लागू मोटर व्हीकल एक्ट में किए गए संशोधनों पर आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि नए प्रावधानों से निजी बस संचालकों पर सख्त नियम और दंडात्मक कार्रवाई का दबाव बढ़ा है. संघ ने मांग की है कि इन संशोधनों को वापस लिया जाए या पुनर्विचार किया जाए.

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सरकार के खिलाफ एकजुटता

प्रदेशभर से आए प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. ऑपरेटरों का आरोप है कि सरकार ने उनकी समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया है. उनका कहना है कि परिवहन क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था और आम जनता की दैनिक जरूरतों से जुड़ा है, ऐसे में संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाना चाहिए.

यात्रियों की बढ़ सकती है परेशानी

यदि 2 मार्च से हड़ताल शुरू होती है, तो सागर सहित पूरे प्रदेश में यात्री परिवहन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होगी. ग्रामीण क्षेत्रों से शहर आने-जाने वाले लोग, छात्र-छात्राएं, नौकरीपेशा कर्मचारी और छोटे व्यवसायी सबसे अधिक प्रभावित होंगे. होली के त्योहारी सीजन में यात्रियों की संख्या बढ़ने के कारण स्थिति और गंभीर हो सकती है.

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