Jabalpur: दिव्यांग बच्ची को अस्पताल के बाहर छोड़कर फरार हुई मां, अब तक नहीं मिला कोई सुराग 

पुलिस भी इसके मां-बाप को खोज कर रही है लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है. CCTV में कोई महिला दिखी है जिसने पीले रंग के कपड़े पहने हुए हैं. बच्ची आखिरी बार उसी महिला के साथ दिखी थी लेकिन अभी तक उस महिला का भी सुराग नहीं पता चल पाया है. एक बहुत पुरानी कहावत है... जिसका कोई नहीं उसका खुदा होता है.

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दिव्यांग बच्ची को अस्पताल के बाहर छोड़कर फरार हुई मां, अब तक नहीं मिला कोई सुराग

Jabalpur News: यह सोचकर ही दिल बैठ जाता है कि कितने कठोर होंगे इस बेटी के मां-बाप.... जिन्होंने 3 साल बाद इस दिव्यांग बेटी को त्याग दिया. यह ना तो देख सकती है ना बोल सकती है...ना सुन सकती है और ना चल सकती है. शायद यही वजह रही होगी कि मासूम बच्ची के मां-बाप इसे विक्टोरिया हॉस्पिटल के बाहर छोड़कर चले गए. 3 साल की बच्ची लगातार रो रही है. इसे अपनी मां के स्पर्श के अलावा कुछ समझ में नहीं आता क्योंकि यह ना तो देख सकती है, ना बोल सकती है, ना सुन सकती है और ना चल सकती है... लेकिन अब बच्ची की हर बात को समझ लेने वाली मां खुद ही इसे छोड़कर चली गई है...और वो मां न जाने कहां चली गई. 

बच्ची को 'गरीब नवाज कमेटी' ने संभाला   

रोती बिलखती बच्ची को जब 'समाज सेवी गरीब नवाज कमेटी' ने देखा तो पूरे अस्पताल में खोज की. यह सोचकर कि शायद इसके मां-बाप नहीं मिल जाए. काफी खोज के बाद भी जब इस बच्ची का कोई नहीं मिला तो उन्होंने इसे बच्चा वार्ड में भर्ती कर दिया. अब बच्चे वार्ड की नर्सेज और आज पड़ोस के बेड में अपने बच्चों के इलाज कर रहे मां-बाप ही इसकी देखरेख कर रहे हैं लेकिन बहुत दिनों तक इस बच्ची को वार्ड में नहीं रखा जा सकता. इस वार्ड से छुट्टी होने के बाद इसे बाल आश्रम भेज दिया जाएगा तब इसकी जिंदगी कैसे गुजरेगी यह कोई नहीं जानता. जबलपुर के एक पत्रकार आशीष विश्वकर्मा इसके परिजनों को खोजने में पूरी मेहनत कर रहे हैं. उन्होंने अपना नंबर 9329108180 देते हुए कहा कि किसी को भी पता चले तो वह इस नंबर पर संपर्क कर बेटी की मदद कर सकता हैं. 

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CCTV में नज़र आई कोई महिला 

पुलिस भी इसके मां-बाप को खोज कर रही है लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है. CCTV में कोई महिला दिखी है जिसने पीले रंग के कपड़े पहने हुए हैं. बच्ची आखिरी बार उसी महिला के साथ दिखी थी लेकिन अभी तक उस महिला का भी सुराग नहीं पता चल पाया है. एक बहुत पुरानी कहावत है... जिसका कोई नहीं उसका खुदा होता है. ऐसे में इसे देखकर यही कहा जा सकता है कि बच्ची की मुसीबत जल्द ठीक हो जाए. 

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