MP Hailstorm VIDEO: मध्य प्रदेश के नीमच और मंदसौर जिलों में रविवार को मौसम ने अचानक कहर बरपा दिया. कुछ ही देर में मूसलाधार बारिश के साथ तेज ओलावृष्टि शुरू हो गई. जिससे कई गांवों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं. हालात इतने बिगड़ गए कि खेतों और सड़कों पर ओलों की मोटी परत जम गई. जिसे देखने में ऐसा लग रहा था मानों नजारा 'कश्मीर' की सड़कों का हो.
इस अचानक बदले मौसम ने किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया. ओलावृष्टि से जुड़े कई वीडियो भी सामने आए हैं, जो नुकसान की भयावह तस्वीर खुद बयां कर रहे हैं.
नीमच–मंदसौर में तेज बारिश और ओले
नीमच जिले की सीमा से लगे मल्हारगढ़ क्षेत्र सहित कई इलाकों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई. मंदसौर जिले के आसपास भी मौसम का यही हाल रहा. अचानक गिरे बड़े-बड़े ओलों से खेतों में खड़ी फसलें झुक गईं और कई जगह पूरी तरह बिछ गईं. किसानों का कहना है कि इस बारिश ने राहत देने के बजाय भारी नुकसान कर दिया है.
गेहूं और अफीम समेत फसलों को बड़ा नुकसान
किसानों के मुताबिक ओलावृष्टि से गेहूं, चना, राई, धनिया और खासतौर पर अफीम की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है. गेहूं इस समय लगभग पककर तैयार है, जबकि अफीम की फसल में डोडे निकलना शुरू हो गए थे. ऐसे में तेज बारिश और ओलों ने फसलों की हालत खराब कर दी है. किसानों को डर है कि अगर मौसम का यही मिजाज रहा तो नुकसान और बढ़ सकता है.
मौसम विभाग की चेतावनी बढ़ी चिंता
मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों तक इसी तरह मौसम खराब रहने की आशंका जताई है. इस चेतावनी के बाद किसानों की चिंता और गहरा गई है. उनका कहना है कि अगर दोबारा बारिश और ओलावृष्टि हुई तो उनकी तैयार फसल पूरी तरह चौपट हो सकती है और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा.
भंवरासा में सबसे ज्यादा असर, ओलों से ढक गया गांव
नीमच जिले की जीरन तहसील के ग्राम भंवरासा में ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर देखा गया. रविवार शाम अचानक हुई बारिश और तेज ओलों ने पूरे गांव को सफेद चादर में ढक दिया. सड़कें, खेत और खलिहान ओलों से भर गए और नजारा किसी पहाड़ी इलाके जैसा लग रहा था. यहां गेहूं, चना, लहसुन और अफीम की फसल को गंभीर नुकसान पहुंचा है.
अफीम काश्तकारों को ज्यादा नुकसान
नीमच–मंदसौर क्षेत्र देश में अफीम उत्पादन के लिए जाना जाता है. यहां के अफीम काश्तकार इस फसल पर लाखों रुपये खर्च करते हैं और उसे बेहद संभालकर उगाते हैं. ओलावृष्टि के कारण अफीम के डोडों पर गहरी चोट लगी, कई डोडे फट गए और फूल टूटकर गिर गए. इससे अफीम की औसत खराब होने की आशंका बढ़ गई है, जिसे लेकर किसान बेहद परेशान हैं.
दर्जनों गांवों में फसलें तबाह
भंवरासा के अलावा पालसोडा, केलुखेड़ा, बामणिया, भोपालगंज सहित जीरन तहसील के दर्जनों गांवों से भी ओलावृष्टि से नुकसान की खबरें आ रही हैं. खेतों में खड़ी फसलें जमीन पर गिर गई हैं, जिससे उत्पादन घटने का खतरा पैदा हो गया है. किसानों का कहना है कि यह बेमौसम बारिश उनके लिए किसी आपदा से कम नहीं है.
मुआवजे और राहत की मांग
ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सर्वे कराने और नुकसान का सही आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है. अफीम काश्तकारों ने खास तौर पर औसत में राहत की गुहार लगाई है, ताकि उन्हें भारी आर्थिक संकट से बचाया जा सके. किसानों का कहना है कि अगर समय पर मदद नहीं मिली, तो उनकी स्थिति और बिगड़ सकती है.