Gwalior News: खंभे पर काम करते हुए करंट की चपेट में आया लाइनमैन, झटका लगने से झूला नीचे 

बिजली कंपनी के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का दबी जुबान कहना है कि उन्हें ठेकेदार की तरफ से सेफ्टी का कोई सामान नहीं दिया जाता. वे लोग जान हथेली पर रखकर काम करते हैं. यहां हर एक दो माह में कोई न कोई लाइनमैन इस तरह की घटना का सामना करना पड़ता है. मालूम हो कि बीते साल भी टोपी बाजार में ऐसे ही काम करते हुए दो आउटसोर्स कर्मचारी सैकड़ो लोगों की मौजूदगी में जलकर मर गए थे.

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खंभे पर काम करते हुए करंट की चपेट में आया लाइनमैन, झटका लगने से झूला नीचे

Madhya Pradesh News: ग्वालियर में एक बार फिर बिजली कंपनी की लापरवाही का मामला सामने आया है. शुक्रवार को  बिजली कंपनी का आउटसोर्स कर्मचारी मौत के मुंह से बाल-बाल बचा है. एक बिजली खंभे पर लाइन का मेंटेनेंस करते समय अचानक कर्मचारी को करंट लग गया. खंभे पर काम चल ही रहा था कि रिवर्स करंट छोड़ दिया गया. इस बिजली की चपेट में आने के बाद  झटके से कर्मचारी रामप्रवेश तारों पर झूल गया. फिर सीढ़ियों से झूलता हुआ नीचे आ गया घटना उप नगर ग्वालियर के लधेड़ी झोंन की है. बड़ी मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों ने उसकी जान बचाई. उसे गंभीर रूप से घायल होने के बाद सिविल हॉस्पीटल में भर्ती कराया गया है. उसके तारों पर झूलते हुए वीडियो भी सामने आया है. 

खंभे पर काम करने के दौरान लगा करंट 

इस मामले में बिजली कंपनी के सहायक यंत्री बृजेश कुमार बबेले का कहना है कि घायल युवक आउटसोर्स कर्मचारी है. करंट के रिवर्स मारने से यह घटना हुई. करंट लगने से वह झूल गया और सीढ़ी से नीचे गिर गया. बबेले ने स्वीकार किया कि घायल कर्मचारी ने चालू लाइन पर चढ़ते समय न तो हाथ मे सेफ्टी के लिए हैंड ग्लब्स (Safety Gloves) पहन रखे थे और न ही हेलमेट लगाया था. उन्होंने झूले का भी इस्तेमाल नहीं किया था. इंजीनियर का कहना है कि सभी लाइनमेन में सेफ्टी किट दी गई है लेकिन उन्होंने इसका उपयोग नहीं किया था. 

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पहले भी हो चुकी है दो कर्मियों की मौत

उधर, बिजली कंपनी के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का दबी जुबान कहना है कि उन्हें ठेकेदार की तरफ से सेफ्टी का कोई सामान नहीं दिया जाता. वे लोग जान हथेली पर रखकर काम करते हैं. यहां हर एक दो माह में कोई न कोई लाइनमैन इस तरह की घटना का सामना करना पड़ता है. मालूम हो कि बीते साल भी टोपी बाजार में ऐसे ही काम करते हुए दो आउटसोर्स कर्मचारी सैकड़ो लोगों की मौजूदगी में जलकर मर गए थे. इसके बाद भी कोई पुख़्ता कदम नहीं उठाए गए थे.  

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