मध्य प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री पर सियासत: अनूपपुर में पटवारी हड़ताल से राजस्व कामकाज ठप

अनूपपुर में जनवरी वेतन रोके जाने के विरोध में पटवारी 12 फरवरी 2026 से हड़ताल पर हैं. इससे फार्मर रजिस्ट्री सहित राजस्व के कई जरूरी कार्य प्रभावित हुए हैं. राजस्व समीक्षा बैठक के बाद शहडोल संभाग के कमिश्नर ने पुष्पराजगढ़ के प्रभारी तहसीलदार को निलंबित कर दिया, जबकि तहसील की प्रगति जिला औसत से बेहतर बताई जा रही है.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins

मध्य प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री अभियान जहां एक ओर सरकार की प्राथमिकता में शामिल है, वहीं अनूपपुर जिले में यह अभियान प्रशासनिक खींचतान और कर्मचारियों की नाराजगी के कारण सुर्खियों में आ गया है. जनवरी 2026 का वेतन रोके जाने और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए जिले के समस्त पटवारी 12 फरवरी 2026 से हड़ताल पर हैं. इसका सीधा असर नामांतरण, सीमांकन, गिरदावरी, फार्मर रजिस्ट्री और सीएम हेल्पलाइन जैसे आवश्यक कार्यों पर पड़ा है.

राजस्व समीक्षा बैठक में गरमाया माहौल

मंगलवार को जनसुनवाई के बाद आयोजित राजस्व समीक्षा बैठक में पटवारी हड़ताल और जिले की कमजोर प्रगति प्रमुख मुद्दा रही. बैठक के दौरान कथित रूप से वेतन रोकने के मौखिक निर्देशों को लेकर अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई. सूत्रों का कहना है कि प्रशासनिक सख्ती और कार्यप्रणाली को लेकर मतभेद खुलकर सामने आए.

प्रभारी तहसीलदार संजय जाट निलंबित

घटनाक्रम के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए शहडोल संभाग के कमिश्नर के आदेश पर पुष्पराजगढ़ के प्रभारी तहसीलदार संजय जाट को निलंबित कर दिया गया. आदेश में फार्मर रजिस्ट्री की धीमी प्रगति और पटवारियों पर प्रभावी नियंत्रण न होने का उल्लेख किया गया है.

आंकड़े क्या कहते हैं?

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पुष्पराजगढ़ तहसील की प्रगति 35.35 प्रतिशत दर्ज की गई है, जो जिले के औसत 29 प्रतिशत से अधिक है. ऐसे में निलंबन की कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज़ हो गई हैं.

Advertisement

जरूरी सेवाएं प्रभावित

पटवारियों की हड़ताल से ग्रामीण क्षेत्रों में नामांतरण, सीमांकन, गिरदावरी और किसान पंजीयन जैसे काम प्रभावित हो रहे हैं. सीएम हेल्पलाइन में शिकायतों के निराकरण की रफ्तार भी धीमी पड़ी है. यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो फार्मर रजिस्ट्री अभियान की समयसीमा और राजस्व कार्यों की गति दोनों प्रभावित हो सकती हैं.