MP News: मध्य प्रदेश के रतलाम और छतरपुर जिलों में एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर अव्यवस्था और कालाबाजारी के मामले सामने आए हैं. रतलाम में प्रशासन ने एक गैस एजेंसी के कर्मचारी को घरेलू सिलेंडर 2000 रुपये में ब्लैक में बेचते हुए पकड़ लिया, जबकि छतरपुर में गैस की कमी के कारण उपभोक्ताओं को लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है और 880 से 938 रुपये का सिलेंडर 1500 से 2000 रुपये तक में बेचा जा रहा है. प्रशासन दोनों जगह मामले की जांच और कार्रवाई में जुटा है.
रतलाम जिला प्रशासन का कहना है कि गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, लेकिन ऑनलाइन और ऑफलाइन बुकिंग में तकनीकी समस्याओं के कारण कई उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है. इसी स्थिति का फायदा उठाकर कुछ लोग ऊंचे दामों पर सिलेंडर बेचने में लगे हैं.
सूचना पर प्रशासन की टीम ने की छापेमारी
प्रशासन को सूचना मिली थी कि शास्त्री नगर स्थित सिविक सेंटर के पास अंशुल इंडेन गैस एजेंसी से जुड़े कुछ कर्मचारी बिना नंबरिंग के घरेलू गैस सिलेंडर अधिक कीमत पर बेच रहे हैं.
सूचना मिलने के बाद कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की. कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने दो युवकों को बिना नंबर के गैस सिलेंडर 2 हजार रुपये में ले जाते हुए रोका.
पूछताछ में दोनों ने बताया कि उन्हें जरूरत के कारण मजबूरी में ऊंची कीमत देकर सिलेंडर खरीदना पड़ा. प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद गैस सिलेंडर की कालाबाजारी में लगे लोगों में हड़कंप मच गया.
छतरपुर में एलपीजी संकट, सुबह से लग रही लंबी लाइनें
वहीं दूसरी ओर छतरपुर जिले में इन दिनों एलपीजी गैस सिलेंडर की भारी कमी देखने को मिल रही है. गैस एजेंसियों के बाहर सुबह 6 बजे से ही लोगों की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन कई लोगों को पूरे दिन इंतजार के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है.
लोगों का कहना है कि पहले जहां घरेलू सिलेंडर 21 दिन में मिल जाता था, अब 25 दिन या उससे भी ज्यादा समय लग रहा है. कई जगह ऑनलाइन बुकिंग भी नहीं हो पा रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है.
ब्लैक में 1500 से 2000 रुपये तक बिक रहा सिलेंडर
छतरपुर में गैस की कमी का फायदा उठाकर कुछ लोग सिलेंडर की कालाबाजारी कर रहे हैं. करीब 880 रुपये कीमत वाला घरेलू गैस सिलेंडर ब्लैक में 1500 से 2000 रुपये तक बेचा जा रहा है. प्रशासन ने पिछले दो दिनों में कार्रवाई करते हुए करीब डेढ़ सौ से ज्यादा भरे हुए गैस सिलेंडर जब्त किए हैं.
प्रभारी कलेक्टर Om Namah Shivay Arjariya ने सख्त निर्देश दिए हैं कि यदि कहीं भी गैस सिलेंडर की कालाबाजारी या कमर्शियल सिलेंडर का गलत उपयोग पाया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
होटल और ढाबा संचालकों पर भी असर
गैस की कमी का सबसे ज्यादा असर होटल और ढाबा संचालकों पर पड़ा है. कई होटलों में गैस खत्म होने के कारण खाना बनाना मुश्किल हो गया है और कुछ जगहों पर मेनू भी सीमित करना पड़ा है. कई होटल संचालकों का कहना है कि सिलेंडर समय पर नहीं मिलने के कारण ग्राहकों को भोजन उपलब्ध कराना मुश्किल हो रहा है. कुछ परिवारों ने अब दोबारा लकड़ी, कोयला या इंडक्शन चूल्हे का सहारा लेना शुरू कर दिया है.