Lokayukta Action MP: बड़वानी जिले में लोकायुक्त पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई कर भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश दिया है. राजपुर क्षेत्र में शिक्षा विभाग के एक लेखापाल को 7 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ा गया है. खास बात यह है कि बीते 16 दिनों में शिक्षा विभाग में यह लोकायुक्त की दूसरी बड़ी कार्रवाई है, जिससे सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया है.
बीईओ कार्यालय में पदस्थ लेखापाल गिरफ्तार
जानकारी के मुताबिक, बड़वानी के राजपुर स्थित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय में पदस्थ लेखापाल प्रदीप मंडलोई को लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वत लेते हुए पकड़ा. यह कार्रवाई राजपुर के रेस्ट हाउस में की गई, जहां लोकायुक्त की टीम ने पूरे जाल बिछाकर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया. फिलहाल मौके पर आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.
सैलरी के बदले मांगी गई थी रिश्वत
मामला जुलवानिया में पदस्थ एक शिक्षिका से जुड़ा है, जिनकी अनुकंपा नियुक्ति करीब दो-तीन महीने पहले हुई थी. नियुक्ति के बावजूद उन्हें अब तक वेतन नहीं मिल पाया था. सैलरी जारी होने के लिए सर्विस कोड जरूरी था, जिसे जारी करने के एवज में लेखापाल प्रदीप मंडलोई ने 8 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी.
लोकायुक्त में दर्ज कराई गई शिकायत
इस रिश्वतखोरी से परेशान होकर शिक्षिका के ससुर बाबूलाल नारगावे, निवासी बलवाड़ी, ने लोकायुक्त इंदौर में शिकायत दर्ज कराई. बाबूलाल ने बताया कि उनके बेटे की मौत के बाद बहू की अनुकंपा नियुक्ति हुई थी और परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए वेतन जल्द मिलने की जरूरत थी. इसी काम के लिए लेखापाल द्वारा रिश्वत मांगी जा रही थी.
7 हजार लेते ही रंगेहाथ दबोचा
शिकायत की जांच के बाद लोकायुक्त टीम ने पूरी योजना के तहत जाल बिछाया. तय रकम में से 7 हजार रुपये लेते ही लोकायुक्त पुलिस ने लेखापाल को मौके पर पकड़ लिया. आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है. राजपुर शिक्षा विभाग में 16 दिन के भीतर यह दूसरी बड़ी लोकायुक्त कार्रवाई है. लगातार सामने आ रही रिश्वतखोरी की घटनाओं से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. लोकायुक्त की इस सख्त कार्रवाई के बाद अन्य कर्मचारियों में भी खौफ देखा जा रहा है.
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे. साथ ही, यदि इस मामले में और भी लोगों की भूमिका सामने आती है, तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी. लोकायुक्त ने साफ संकेत दिए हैं कि भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.