शिवपुरी में लट्ठमार होली का आयोजन: महिलाओं ने बरसाईं लाठियां, रंग-गुलाल के साथ खेली होली; भारी संख्या में उमड़ी भीड़

Shivpuri Lathmar Holi Celebration: ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच पूरा माहौल होली के रंगों से सराबोर होकर होली के हुड़दंग में बदल गया. इस लठमार होली में इलाके की सड़क पूरी तरह रंगीन हो गई. इस दौरान पुरुष और महिलाएं एक-दूसरे पर गुलाल उड़ाए. साथ ही महिलाएं परंपरा के अनुसार, पुरुषों पर लाठियां बरसाई.

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Shivpuri Lathmar Holi: यूं तो बरसाने और मथुरा वृंदावन की लठमार होली पूरी दुनिया और देश में विख्यात है, लेकिन देश के कई ऐसे इलाके हैं जहां यह लठमार होली खेली जाती है. इसी तरह की एक होली मध्य प्रदेश के शिवपुरी में भी खेली जाती है, जहां होलिका दहन से रंग पंचमी तक रंग गुलाल उड़ाती महिलाएं खूब लठ बरसाती है. पुरानी परंपरा के अनुसार, इस होली में इलाके के पुरुष झंडा उठाकर चलते हैं तो महिलाएं उन पर लठ बरसाती हुई दिखाई देती हैं.

शिवपुरी में लट्ठमार होली का आयोजन

शिवपुरी शहर में शुक्रवार शाम यादव समाज ने पारंपरिक लट्ठमार होली का आयोजन किया गया. होली की तीज पर राजपुरा रोड पर हुए इस कार्यक्रम में समाज की महिलाओं और पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और रंग-गुलाल के साथ होली खेली. इस दौरान महिलाएं पुरुषों पर लाठियां भी बरसाई.

लट्ठमार होली के लिए समाज की महिलाएं और पुरुष पारंपरिक नए वस्त्र और गहने पहनकर पहुंचे. इस रंग बिरंगे त्योहार पर एक-दूसरे को गुलाल लगाकर पर्व की खुशियां मनाईं. इस दृश्य को देखने के लिए भारी संख्या में भीड़ उमड़ी.

यह आयोजन आम रास्ते पर होने के कारण कार्यक्रम से पहले सड़क के दोनों ओर का आवागमन कुछ समय के लिए रोका गया. इसके बाद सड़क पर गुलाल बिखेरकर उत्सव का माहौल बनाया गया.

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पुरुष और महिलाएं एक-दूसरे पर उड़ाए गुलाल

बता दें कि परंपरा के अनुसार, समाज के एक बुजुर्ग को झंडा देवता बनाया जाता है. आयोजन की शुरुआत मैदान में गुलाल डालकर की जाती है. इसके बाद पूजा-अर्चना का दौर शुरू होता है और ठंडाई का भोग लगाया जाता है. पूजा के बाद पुरुष 'झंडा' को अपनी पीठ पर उठाकर चलते हैं. वहीं महिलाएं प्रतीकात्मक रूप से लाठियों से उन पर प्रहार करती हैं.

इस दौरान ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच पूरा माहौल होली के रंगों से सराबोर होकर होली के हुड़दंग में बदल जाता है. इस लठमार होली में इलाके की सड़क पूरी तरह रंगीन हो जाती है, जिसमें सात रंग अलग-अलग बिखरी नजर आते हैं. इस दौरान पुरुष और महिलाएं एक-दूसरे पर गुलाल उड़ाते हैं. साथ ही महिलाएं परंपरा के अनुसार, पुरुषों पर लाठियां बरसाती हैं. 

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