Cheetah Cubs Born in Kuno: कूनो में चीतों का कुनबा फिर बढ़ गया है. मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से शनिवार को एक और अच्छी खबर सामने आई. मादा चीता आशा ने पांच शावकों को जन्म दिया. यह खबर सिर्फ कूनो के लिए नहीं, बल्कि देश के ‘प्रोजेक्ट चीता' के लिए भी बड़ी मानी जा रही है. इससे एक बार फिर यह भरोसा मजबूत हुआ है कि भारत में चीते अब धीरे-धीरे खुद को फिर से बसाने लगे हैं.
मादा चीता आशा ने कूनो नेशनल पार्क में पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है. इस जानकारी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने आधिकारिक ‘एक्स' अकाउंट पर साझा किया. वहीं केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी इस खबर की पुष्टि करते हुए इसे प्रोजेक्ट चीता के लिए गर्व और खुशी का क्षण बताया.
अब 35 हुई चीतों की संख्या
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स पर लिखा कि कूनो ने एक गौरवपूर्ण पल देखा है. उनके मुताबिक, आशा के शावकों के जन्म के बाद भारत में पैदा हुए शावकों की संख्या 24 हो गई है, जबकि कुल चीता आबादी 35 तक पहुंच गई है. सीएम ने इस उपलब्धि का श्रेय वन कर्मचारियों और पशु चिकित्सकों की मेहनत को दिया और कहा कि मध्य प्रदेश अब वन्यजीव संरक्षण के बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है.
बोत्सवाना से आने वाले हैं आठ और चीते
इस बीच यह भी बताया गया है कि 28 फरवरी को कूनो नेशनल पार्क में दक्षिण अफ्रीका के बोत्सवाना से आठ और चीतों को लाए जाने का प्रस्ताव है. ऐसे समय में शावकों का जन्म होना परियोजना के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. इससे कूनो की जैव विविधता को मजबूती मिलने के साथ-साथ भारत में चीता आबादी को भी नया विस्तार मिलने की उम्मीद है.
आशा दूसरी बार बनी मां
नामीबियाई चीता आशा दूसरी बार मां बनी है. इस जन्म के साथ भारत में जन्मे जीवित शावकों की कुल संख्या 24 बताई गई है. यह भारत में चीतों के आठवें सफल जन्म के तौर पर देखा जा रहा है, जिसे संरक्षण यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है.
केंद्रीय मंत्री ने वीडियो भी साझा किया
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस घोषणा के साथ शावकों का वीडियो भी साझा किया. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पर्यावरण-जागरूक नेतृत्व के तहत किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है.