कृषक कल्याण वर्ष 2026 का शुभारंभ, सीएम यादव ने अन्नदाताओं के लिए की बड़ी घोषणाएं

मध्य प्रदेश में कृषक कल्याण वर्ष 2026 की शुरुआत हो गई है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के लिए कई बड़ी घोषणाएं की हैं, जिनमें गेहूं का समर्थन मूल्य ₹2700 प्रति क्विंटल, सरसों और मूंगफली पर बोनस, जैविक खेती को बढ़ावा, खाद की होम डिलीवरी और फूड प्रोसेसिंग यूनिट शामिल हैं.

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Krishak Kalyan Year 2026: मध्य प्रदेश में किसानों के लिए खुशखबरी है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाने का ऐलान किया है. राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सीएम ने किसानों के हित में कई बड़े फैसले किए. इस पहल का उद्देश्य खेती को लाभकारी बनाना, किसानों की आय बढ़ाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह सिर्फ शुरुआत है, पूरे सालभर किसानों के लिए काम होगा.

जंबूरी मैदान से हुई शुरुआत

राज्य स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ 11 जनवरी को भोपाल के जंबूरी मैदान में हुआ. इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, कृषि विशेषज्ञ, विभागीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए. कार्यक्रम में किसानों को बताया गया कि कृषक कल्याण वर्ष के दौरान कौन-कौन सी योजनाएं लागू होंगी और किस तरह हर किसान तक इनका लाभ पहुंचाया जाएगा.

मुख्यमंत्री का संदेश: किसानों को समर्पित वर्ष

सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 नारी सशक्तिकरण को समर्पित रहा, 2025 उद्योग एवं रोजगार वर्ष के रूप में मनाया गया और अब 2026 पूरी तरह किसानों के कल्याण को समर्पित है. सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता किसानों का उत्थान है.

कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव

मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषि, उद्यानिकी, सहकारिता, पशुपालन, जल संसाधन, उद्योग और नवीकरणीय ऊर्जा सहित कुल 16 विभागों की नीतियां अब किसानों के हित को केंद्र में रखकर तैयार की जाएंगी. इसका उद्देश्य खेती को लाभकारी बनाना और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है.

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किसानों के लिए बड़ी घोषणाएं

  • गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ा: सरकार ने घोषणा की कि गेहूं को ₹2700 प्रति क्विंटल खरीदा जाएगा.
  • सरसों और मूंगफली पर बोनस: सरसों को भावांतर योजना में शामिल किया जाएगा और मूंगफली की फसल पर भी बोनस दिया जाएगा.
  • कोदू-कुटकी और मोटा अनाज को बढ़ावा: इन फसलों पर बोनस और प्रोत्साहन दिया जाएगा.
  • जैविक खेती को प्रोत्साहन: किसानों को जैविक खेती अपनाने के लिए मदद दी जाएगी.
  • खाद की होम डिलीवरी: अब किसानों को लंबी लाइन में नहीं लगना पड़ेगा, खाद घर पर ही मिलेगी.

नई सुविधाएं और योजनाएं

  • फूड प्रोसेसिंग यूनिट: आलू, टमाटर जैसी फसलों के खराब होने की समस्या को दूर करने के लिए फूड प्रोसेसिंग यूनिट शुरू की जाएगी.
  • बीज परीक्षण प्रयोगशाला: बीज की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नई प्रयोगशालाएं खोली जाएंगी.
  • रिटोवेटर आधी कीमत पर: किसानों को रिटोवेटर आधी कीमत पर उपलब्ध कराया जाएगा.
  • सिंचाई परियोजनाएं: नई सिंचाई योजनाओं से खेती का रकबा बढ़ेगा.

किसानों को जागरूक करने की पहल

सरकार ने किसानों को नई तकनीक और योजनाओं की जानकारी देने के लिए रैलियां और प्रदर्शनी आयोजित करने का निर्णय लिया है. साथ ही, मूंग की जगह उड़द और अन्य गर्मी की फसलें लगाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि कीड़ों का प्रकोप कम हो.

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सरकार का वादा: जो कहा, वो किया

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने जो वादे किए थे, उन्हें पूरा किया जा रहा है. यह शुरुआत है, आने वाले समय में और भी योजनाएं लागू होंगी. सरकार का लक्ष्य है कि किसानों की आय बढ़े और खेती लाभकारी बने.

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