Political Drama: खंडवा में फॉर्म नंबर 7 को लेकर सियासत जारी; कांग्रेस ने वोटर्स लिस्ट को लेकर लगाए ये आरोप

Congress on SIR Process: प्रतिभा रघुवंशी ने कहा कि खंडवा में अब तक करीब 38 हजार फर्जी नाम हटाए जा चुके हैं, जिससे भारतीय जनता पार्टी में घबराहट है क्योंकि “वोट चोरी की राजनीति अब नहीं चल पाएगी.” उन्होंने प्रशासन से मांग की कि फर्जी आपत्ति दर्ज कराने वालों पर एफआईआर दर्ज की जाए और मतदाता सूची को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश को कड़ी कार्रवाई से रोका जाए.

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Political Drama: खंडवा में फॉर्म नंबर 7 को लेकर सियासत जारी; कांग्रेस ने वोटर्स लिस्ट को लेकर लगाए ये आरोप

MP Politics: खंडवा (Khandwa) जिले में एसआईआर (SIR यानी स्पेशल समरी रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर सियासी विवाद गहराता जा रहा है. अब कांग्रेस (Congress Party) जिला शहर अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर फॉर्म नंबर 7 में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का गंभीर आरोप लगाया. कांग्रेस का कहना है कि फॉर्म नंबर सेवन के जरिए वास्तविक मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाने की “सुनियोजित साजिश” की जा रही है.

कांग्रेस ने लगाए ये आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी ने कहा कि सरकार मतदाता सूची के शुद्धिकरण का दावा कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके उलट है. उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे प्रदेश की तरह खंडवा में भी जानबूझकर फर्जी आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं, जिससे मतदाता सूची से वास्तविक मतदाताओं को बाहर किया जा सके.

रघुवंशी ने बताया कि फॉर्म नंबर 7 जमा कराने की अंतिम तारीख बीतने के बाद जब सील बंद लिफाफे खोले गए, तो उनमें कई फॉर्म पहले से प्रिंटेड नामों के साथ मिले. अनेक मामलों में ऐसे लोगों से हस्ताक्षर कराए गए, जिन्हें इस बात की जानकारी तक नहीं थी कि वे किन-किन मतदाताओं के खिलाफ आपत्ति दर्ज कर रहे हैं.

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि बूथ नंबर 49 पर एक ही व्यक्ति की ओर से 22 मतदाताओं के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई गई. जब उससे पूछा गया तो वह घबरा गया और बाद में स्वीकार किया कि उसे पार्टी कार्यालय से निर्देश मिले थे.
कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 का हवाला देते हुए कहा कि किसी वास्तविक मतदाता के खिलाफ गलत आपत्ति दर्ज कराना दंडनीय अपराध है, जिसमें एक साल तक की सजा का प्रावधान है. इसके बावजूद ऐसे फर्जी फॉर्म भरे गए, जिनका स्पष्ट उद्देश्य कुछ समुदायों के मतदाताओं को सूची से बाहर करवाना था.

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इन आपत्तियों में विशेष रूप से अल्पसंख्यक, आदिवासी और हरिजन वर्ग के नाम शामिल हैं, जबकि सामान्य वर्ग के नाम लगभग नहीं के बराबर हैं. पार्टी का कहना है कि इससे यह साफ होता है कि “मतदाता सूची को सांप्रदायिक आधार पर प्रभावित करने की कोशिश” की गई है.

प्रतिभा रघुवंशी ने कहा कि खंडवा में अब तक करीब 38 हजार फर्जी नाम हटाए जा चुके हैं, जिससे भारतीय जनता पार्टी में घबराहट है क्योंकि “वोट चोरी की राजनीति अब नहीं चल पाएगी.” उन्होंने प्रशासन से मांग की कि फर्जी आपत्ति दर्ज कराने वालों पर एफआईआर दर्ज की जाए और मतदाता सूची को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश को कड़ी कार्रवाई से रोका जाए. कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह अपने कार्यकर्ताओं के साथ हर बूथ पर मुस्तैदी से तैनात रहेगी और किसी भी तरह की भ्रामक आपत्तियों या गुमराह करने की कोशिश का कड़ा विरोध करेगी.

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