Khajrana Ganesh Temple indore: इंदौर के प्रसिद्ध एवं आस्था के केंद्र खजराना गणेश मंदिर के गर्भगृह में अनाधिकृत प्रवेश की घटना को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है. कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी तथा मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष शिवम वर्मा ने मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
11 फरवरी की शाम हुई घटना, CCTV में पुष्टि
सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया के माध्यम से मिली जानकारी के अनुसार 11 फरवरी 2026 की शाम 7:41 बजे से 7:45 बजे के बीच कुछ व्यक्तियों ने मंदिर परिसर स्थित भगवान श्री गणेश जी के गर्भगृह में प्रवेश किया. वायरल वीडियो के आधार पर मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई, जिसमें घटना की पुष्टि हुई.
सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि स्थानीय निवासी आकाश रावत ने गर्भगृह के चैनल गेट पर तैनात सुरक्षा गार्ड से बातचीत की. इसके बाद ड्यूटी पर मौजूद गार्ड ने चैनल गेट खोला और सतीश भाऊ नामक व्यक्ति ने गर्भगृह में प्रवेश किया.
सुरक्षा गार्ड पर कार्रवाई, एजेंसी पर जुर्माना
सुरक्षा एजेंसी मेसर्स बालाजी सिक्युरिटी सर्विस की ओर से नियुक्त गार्ड श्रीमती ज्योति वरूण ने लिखित प्रतिवेदन में बताया कि आकाश रावत ने दबाव बनाकर दो व्यक्तियों को अनाधिकृत रूप से गर्भगृह में प्रवेश कराया.
प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई
- प्रथम दृष्टया मंदिर की गरिमा एवं प्रबंध समिति के निर्णयों के पालन में गंभीर लापरवाही पाई गई.
- ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षा गार्ड को तत्काल सेवा से बर्खास्त किया गया.
- पूजन-पाठ से जुड़े भट्ट परिवार की दोनों शाखाओं के पुजारियों को भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए सख्त चेतावनी दी गई.
- सुरक्षा एजेंसी मेसर्स बालाजी सिक्युरिटी सर्विस पर 21 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया, जो आगामी देयक से काटा जाएगा.
- आकाश रावत के विरुद्ध बिना अनुमति गर्भगृह में प्रवेश दिलाने और ड्यूटी गार्ड पर दबाव बनाने के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है.
गर्भगृह में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित
मंदिर प्रबंध समिति और पुजारीगण ने सर्वसम्मति से स्पष्ट किया है कि गर्भगृह में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित है. केवल विशेष परिस्थितियों में अध्यक्ष एवं प्रशासक की पूर्व अनुमति से ही प्रवेश संभव होगा.
कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि आस्था के केंद्रों की मर्यादा और नियमों का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा. भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त निगरानी की जाएगी और इंदौर की धार्मिक गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा.