MP: पलायन में उलझी केन बेतवा परियोजना ! जिनकी जमीन डूब क्षेत्र में वो कहां गए... 

MP: विभागीय अधिकारियों के अनुसार, हर गांव में 20 से 25 लोग ऐसे हैं जिनका कोई अता पता नहीं है, लेकिन उनके नाम से डूब क्षेत्र में जमीन आ रही है.

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Ken Betwa Project: बुंदेलखंड में आकार लेने जा रही केन बेतवा परियोजना (Ken Betwa Project) की समस्याएं दिनों दिन बढ़ती जा रही है. पहले लोगों ने मुआवजे को लेकर विरोध किया. हालांकि ये लोग जैसे तैसे माने, लेकिन अब गांव से पलायन कर चुके लोग इस परियोजना के समस्या बन गए हैं.

डूब क्षेत्र में आने वाले 14 गांवों में 511 ग्रामीण चयनित हुए हैं, उनमें से दर्जनों ऐसे हैं जो मजदूरी के चलते पलायन कर गए हैं, जो मिल नहीं रहे हैं. अब इन लोगों को विभागीय अधिकारी तलाश रहे हैं. मुआवजे को लेकर नोटिस भी जारी किए गए हैं. इतना ही नहीं लोगों को परेशानी ना हो, इसलिए कैंप लगाए जा रहे हैं.

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छतरपुर जिला प्रशासन लगातार इस परियोजना की मॉनिटरिंग कर रहा है, लेकिन दर्जनों लोग जो नहीं मिल रहे हैं इसके चलते मुआवजा वितरण का काम तेजी से पूरा नहीं हो पा रहा है. विभागीय अधिकारियों के अनुसार, हर गांव में 20 से 25 लोग ऐसे हैं जिनका कोई अता पता नहीं है, लेकिन उनके नाम से डूब क्षेत्र में जमीन आ रही है.

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बता दें कि केन बेतवा परियोजना 44000 करोड़ की परियोजना है, जो बुंदेलखंड के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा, लेकिन इस तरह से जो पेंच फंस रहे हैं इससे परियोजना की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है.

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साढ़े 12 लाख प्रति हेक्टेयर दिया जा रहा मुआवजा

डूब क्षेत्र में आने वाले गांवों के लोगों को दूसरी जगह सरकार विस्थापित करा रही है और इनकी जमीनों को मुआवजा दिया जा रहा है. वहीं लोगों को नोटिस जारी कर बैंक संबंधी दस्तावेज जमा कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं, जिससे मुआवजा राशि उनके खातों में भेजी जा सके. सरकार ने डूब क्षेत्र में आने वाली जमीनों को साढ़े बारह लाख प्रति हेक्टेयर तय किया है. अब कई खाते ऐसे हैं जिनमें एक ही परिवार आठ से दस लोग शामिल हैं.

छह करोड़ 59 लाख रुपये का हो चुका भुगतान

केन बेतवा के प्रभावित गांवों में 511 ग्रामीण हैं, जिनकी भुगतान योग्य मुआवजा राशि आठ करोड़ 12 लाख 38 हजार की बनी है. जिनमें से 6 करोड़ 59 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है. बाकी भुगतान बैंक संबंधी दस्तावेज जमा करने के बाद किए जाएंगे. अधिकारियों ने लोगों से जल्द ही बैंक खातों की जानकारी भेजने की अपील की है. बता दें कि इस परियोजना से जिले के 688 ग्रामों की तीन लाख हेक्टेयर से ज्यादा जमीन की सिंचाई होगी.

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