बुंदेलखंड लंबे समय से पानी की कमी और सूखे की समस्या से जूझता रहा है. ऐसे में केन-बेतवा लिंक परियोजना को इस क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित परियोजनाओं में गिना जाता है. हालांकि, इस बड़े विकास कार्य के साथ कई गांवों के लोगों के विस्थापन और पुनर्वास का मुद्दा भी जुड़ा हुआ है. अब छतरपुर प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने की पहल की है कि परियोजना से प्रभावित कोई भी पात्र व्यक्ति मुआवजे और पुनर्वास के अधिकार से वंचित न रहे. इसी उद्देश्य से 14 प्रभावित गांवों में दोबारा सर्वे कराने का फैसला लिया है. साथ ही प्रभावित परिवारों के लिए 7.37 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि भी स्वीकृत की.
14 गांवों में दोबारा होगा सर्वे
छतरपुर कलेक्टर मृणाल मीणा ने राष्ट्रीय महत्व की केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित 14 ग्रामों में पुनः सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं. इसके लिए राजस्व विभाग की टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है. कलेक्टर ने स्पष्ट रूप से कहा है कि परियोजना से प्रभावित कोई भी पात्र हितग्राही मुआवजा पाने से नहीं छूटना चाहिए. इसी वजह से पूरे क्षेत्र का पुनः सर्वे कराया जाएगा, ताकि सभी पात्र लोगों की जानकारी सही तरीके से दर्ज हो सके.
प्रभावित परिवारों के हितों पर प्रशासन का फोकस
केन-बेतवा परियोजना से जुड़े कई ग्रामीणों और विशेष रूप से आदिवासी परिवारों ने अपनी समस्याएं और दावों को लेकर प्रशासन के सामने बात रखी थी. इन परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने दोबारा सर्वे का निर्णय लिया है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रभावित परिवारों को पुनर्वास और मुआवजे का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ मिल सके.
59 प्रभावित लोगों के लिए 7.37 करोड़ रुपये स्वीकृत
कलेक्टर मृणाल मीणा ने पदभार संभालने के बाद परियोजना से प्रभावित लोगों के मुआवजे और पुनर्वास की प्रक्रिया को गति दी है. हाल ही में केन-बेतवा लिंक परियोजना से जुड़े पांच गांवों के 59 प्रभावित व्यक्तियों के लिए कुल 7 करोड़ 37 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है. यह राशि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पात्र हितग्राहियों को प्रदान की जाएगी.
किन गांवों को कितनी राशि मिलेगी
प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार ग्राम सुकवाहा के 16 प्रभावित व्यक्तियों के लिए 2 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं. ग्राम ढोढ़न के 3 व्यक्तियों को 37.50 लाख रुपये की राशि मिलेगी. वहीं ग्राम खरयानी के 20 प्रभावित लोगों के लिए 2.50 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं.
इसके अलावा ग्राम भौरखुवा के 11 प्रभावित व्यक्तियों के लिए 1.37 करोड़ रुपये तथा ग्राम कदवारा के 9 लोगों के लिए 1 करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है. यह पूरी राशि परियोजना प्रभावित परिवारों को मुआवजे और पुनर्वास के तहत उपलब्ध कराई जाएगी.
बुंदेलखंड के लिए अहम है केन-बेतवा परियोजना
केन-बेतवा लिंक परियोजना को बुंदेलखंड क्षेत्र की जल समस्या के स्थायी समाधान के रूप में देखा जाता है. इस परियोजना के पूरा होने से सिंचाई, पेयजल और कृषि क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है. हालांकि, परियोजना से प्रभावित लोगों के पुनर्वास और अधिकारों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है.