Drinking Water Crisis: कटनी जिले के कूड़ो ग्राम पंचायत अंतर्गत पारधी बस्ती में इन दिनों पेयजल संकट गहरा गया है. जिससे ग्रामीण गांव में लगा एकमात्र हैंडपंप से निकलने वाला दूषित पानी पीने को मजदूर है. दूषित पानी पीने से अब ग्रामीण बीमार हो रहे है यहां पर कई लोगों को पथरी की शिकायत भी हो गई है. घर घर नल योजना के लिए दो साल पहले यहां पाइप लाइन बिछा दी गई है, लेकिन उन पाइपों में अब भी पानी का ग्रामीणों को बेसब्री से इंतजार है. एनडीटीवी संवाददाता राम बिहारी गुप्ता ने गांव में पेयजल समस्या पर ग्रामीणों से बात की.
गंदे पानी पीने को मजबूर लोग
ग्रामीण महिला जलम बाई ने बताया कि यहां हैंडपंप में गंदा पानी निकलता है पहले सफेद पानी निकलेगा फिर पांच मिनट बाद मिट्टी और ईंटे निकलते है बाद में पानी पूरी तह लाल हो जाता है. उन्हें दो दिन पानी को रखना पड़ता है. जब कचरा नीचे बैठ जाता है, तब वह किसी तरह पानी को पीते है. यहां पर घर घर नल योजना के तहत दो साल से पाइप लाइन बिछ गए हैं.लेकिन पानी नहीं आ रहा है. यहां कई अधिकारी आए, लेकिन उनकी समस्या को किसी ने नहीं सुना.
गंदे पानी पीने को मजबूर हो रहे ग्रामीण.
हैंड पंप से निकल रहा गंदा पानी
महिला जलेखा ने बताया कि यहां पर हैंडपंप में गंदा पानी निकलता है. वह खुद के पैसों से 4-5 बार हैंड पंप सुधरवा चुकी है, लेकिन गंदा पानी निकल रहा है. यहां हजार आदमी रहते हैं सभी को पानी नहीं मिल पाता है. दूसरी बस्ती गांव में जाते है किसी से पानी मांगने तो कोई नहीं देता, भगा देते है झगड़ा करते है. अब इस गंदे पानी को पीने से ज्यादातर बच्चों सहित बड़े लोग बीमार हो रहे है.
महिला साज बाई ने बताया कि घर घर नल योजना के तहत दो साल से पाइप लाइन बिछी है, लेकिन अबतक पानी की सप्लाई शुरू नहीं है. गर्मी बढ़ने से नदी भी सुख गई है. यहां इकलौते हैंड पंप में गंदा पानी निकलता है, जिससे लोग बीमार हो रहे हैं. लोगों को पथरी हो रही है, जिन्होंने ऑपरेशन करवा लिया है. वह बच जाते हैं और जिन्होंने ऑपरेशन नहीं करवाया वह खत्म भी हो जाते हैं. यहां पानी की समस्या बहुत ज्यादा है... बच्चों को नहलाने और खाने के लिए पानी नहीं...
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