कारगिल योद्धा से थाने में मारपीट का मामला, सेना की CMP और कर्नल पहुंचे भिंड, डीआईजी से की चर्चा

भिंड के मिहोना थाने में कारगिल युद्ध के रिटायर्ड सैनिक से मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है. रक्षा मंत्रालय के निर्देश पर सेना की CMP टीम और कर्नल विशाल क्षत्रीय ने थाने और एसपी कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली.

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Kargil Warrior Assault Case MP: भिंड जिले के मिहोना थाने में कारगिल युद्ध के एक रिटायर्ड सैनिक के साथ हुई मारपीट का मामला अब गंभीर रूप ले चुका है. घटना के बाद न सिर्फ रिटायर्ड सैनिकों में रोष बढ़ा, बल्कि रक्षा मंत्रालय के निर्देश पर सेना की मिलिट्री पुलिस (CMP) और कर्नल स्तर के अधिकारी भी भिंड पहुंच गए. पूरे मामले की जांच और उसमें पुलिस की भूमिका को लेकर अब सवाल लगातार गहरा रहे हैं.

सेना अधिकारियों ने ली घटनाक्रम की जानकारी

कर्नल विशाल क्षत्रीय और CMP टीम मिहोना थाने पहुंचे और थाने में मौजूद कर्मचारियों से पूरे मामले की जानकारी ली. निरीक्षण के दौरान टीआई शराब के नशे में धुत पाए गए, जिस पर सेना अधिकारियों ने नए थाना प्रभारी को वर्दी की मर्यादा और गरिमा बनाए रखने की सख्त सलाह दी. उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुलिस और सेना दोनों वर्दी वाले विभाग हैं, इसलिए ऐसी घटनाएं किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं हैं.

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एसपी ऑफिस में डीआईजी से बंद कमरे में चर्चा

थाने के निरीक्षण के बाद कर्नल विशाल क्षत्रीय भिंड के एसपी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने डीआईजी डॉ. असित यादव से करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में बातचीत की. कार्यालय परिसर में स्थिति कुछ देर तनावपूर्ण रही, लेकिन चर्चा के दौरान सेना अधिकारियों ने अपनी आपत्तियां और चिंताएं रखीं. उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की.

डीआईजी ने कहा होगी निष्पक्ष जांच

डीआईजी डॉ. असित यादव ने सेना अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि मामले की गहन जांच कराई जाएगी. उन्होंने कहा कि सभी थाना प्रभारियों को सैनिकों के सम्मान को लेकर विशेष निर्देश भेजे जाएंगे. मामले की जांच लहार SDOP को सौंपी गई है. कर्नल क्षत्रीय ने अपनी जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसे रक्षा मंत्रालय और मध्य प्रदेश सरकार को भेजा जाएगा.

रिटायर्ड सैनिकों में आक्रोश 

घटना के सामने आने के बाद चंबल संभाग के रिटायर्ड सैनिकों ने विरोध जताया और सख्त कार्रवाई की मांग की. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी TI को लाइन अटैच कर दिया गया, हालांकि आरोप है कि वह लाइन अटैच होने के बावजूद थाने में ही मौजूद था. पीड़ित राकेश सिंह ने जांच टीम पर भी सवाल उठाए और कहा कि उनकी ओर से दो प्रतिनिधियों को जांच में शामिल किया जाए, ताकि निष्पक्षता बनी रहे.

क्या है पूरा मामला?

कारगिल युद्ध के रिटायर्ड सैनिक राकेश सिंह किसी जमीनी विवाद की शिकायत लेकर मिहोना थाने पहुंचे थे. आरोप है कि वहां टीआई ने शराब के नशे में उनसे मारपीट की और गाली-गलौज की. घटना के चर्चा में आने के बाद यह मामला प्रदेश से लेकर सेना तक पहुंच गया, जिसके बाद अब इसकी जांच तेजी से आगे बढ़ रही है.

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