मालिक की गिरफ्तारी के बाद भी जारी है जय श्री गायत्री फूड का 'गोरखधंधा',  फैक्टरी पर ताला बंद पर धंधा है चालू

Jai Shree Gayatri Foods: पड़ताल में सामने आया है कि प्रशासनिक कार्रवाई से बचने के लिए कंपनी का नाम बदल दिया गया है, जो फैक्ट्री पहले जयश्री गायत्री फूड के नाम से जानी जाती थी, और बाजार में मिल्क मैजिक नाम से इसके उत्पाद बेचे जाते थे. उसे अब हेल्थ ब्रिज प्राइवेट लिमिटेड का नया बोर्ड देकर संचालित किया जा रहा है.

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Jai Shree Gayatri Foods News: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के सीहोर (Sehore) जिले के पिपलिया मीरा गांव स्थित बहुचर्चित पनीर फैक्ट्री में इन दिनों एक अजीबोगरीब खेल चल रहा है. जिस फैक्ट्री के मालिक किशन मोदी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 20 करोड़ से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग और मिलावटखोरी के आरोप में सलाखों के पीछे भेज दिया है. वह फैक्ट्री आज भी धड़ल्ले से चालू है. हैरान करने वाली बात यह है कि बाहर के मुख्य गेट पर ताला लटका है, लेकिन पीछे के रास्तों से मजदूर, गाड़ियों और माल की आवाजाही बेधड़क जारी है.

पड़ताल में सामने आया है कि प्रशासनिक कार्रवाई से बचने के लिए कंपनी का नाम बदल दिया गया है, जो फैक्ट्री पहले जयश्री गायत्री फूड के नाम से जानी जाती थी, और बाजार में मिल्क मैजिक नाम से इसके उत्पाद बेचे जाते थे. उसे अब हेल्थ ब्रिज प्राइवेट लिमिटेड का नया बोर्ड देकर संचालित किया जा रहा है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को गुमराह करने के लिए सामने का गेट बंद रखा जाता है, ताकि लगे कि फैक्ट्री सील है, जबकि अंदर घी, दूध और पनीर जैसे उत्पादों की पैकिंग का काम बदस्तूर जारी है. ग्राम पंचायत पिपलिया मीरा के सरपंच विष्णु मेवाड़ा ने बताया कि फेक्ट्री बन्द होने का दिखावा किया जा रहा है और भीतर काम बदस्तूर जारी है. यहां रोजाना वाहन आते-जाते हैं.

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गार्ड का पहरा और बिजली कटने के बाद भी जारी फैक्टरी का संचालन

बता दें जब इस गोपनीय संचालन की जानकारी लेने की कोशिश की गई, तो फैक्ट्री के सुरक्षा गार्डों ने किसी को भी अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। मालूम हो कि पूर्व में कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री की बिजली भी काट दी गई थी, इसके बावजूद अंदर काम का चलना कई बड़े सवाल खड़े करता है. आखिर किसके संरक्षण में बिना बिजली और बिना मालिक के इतनी बड़ी यूनिट संचालित हो रही है.

20 करोड़ की धोखाधड़ी का यह मामला

बता दें कि ईडी के भोपाल जोनल ऑफिस ने किशन मोदी को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है. जांच में खुलासा हुआ था कि कंपनी दूध के प्राकृतिक फैट की जगह हानिकारक पाम ऑयल और रसायनों का उपयोग कर रही थी. हद तो तब हो गई, जब कंपनी ने विदेशों में एक्सपोर्ट क्लीयरेंस पाने के लिए प्रतिष्ठित लैब की फर्जी टेस्ट रिपोर्ट तक तैयार कर ली. ईडी ने फर्जीवाड़े से कमाई गई 20.59 करोड़ रुपये की राशि को प्रोसीड्स ऑफ  क्राइम (अपराध की कमाई) घोषित कर जब्त कर लिया है.

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वहीं, इस पूरे मामले पर सीहोर के फूड इंस्पेक्टर  सारिका गुप्ता ने कहा कि पूर्व में जब कार्रवाई हुई थी, तब फैक्ट्री बंद मिली थी. अब इसे दोबारा कब और कैसे शुरू कर लिया गया, इस संबंध में फिलहाल विभाग को कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है. हम टीम भेजकर सैंपल लेंगे और जांच करेंगे कि वर्तमान में वहां क्या गतिविधियां चल रही हैं.

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