Jabalpur Police: पुलिस विभाग में करोड़ों का फर्जीवाड़ा, टीए बिल घोटाले से मचा हड़कंप

Jabalpur Corruption news: घोटाले के सामने आने के बाद मामले ने उस समय और गंभीर मोड़ ले लिया, जब आरोपी आरक्षक अभिषेक ने बीते दिन ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली. मामले में एएसआई सत्यम शर्मा और मृतक आरक्षक अभिषेक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. हालांकि, फाइनेंशियल इंटेलिजेंस की जांच में करोड़ों के फर्जीवाड़े का खुलासा पहले ही हो चुका था.

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Corruption News: जबलपुर (Jabalpur) से पुलिस विभाग को शर्मसार करने वाला बड़ा घोटाला सामने आया है. एसएएफ की छठवीं बटालियन में यात्रा भत्ता (TA) बिलों में लगभग साढ़े 3 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा हुआ है. बताया जा रहा है कि 6वीं बटालियन की 4 सदस्यीय जांच कमेटी ने पूरे मामले की जांच की थी, जिसमें फर्जी भुगतान का बड़ा खेल उजागर हुआ.

घोटाले के सामने आने के बाद मामले ने उस समय और गंभीर मोड़ ले लिया, जब आरोपी आरक्षक अभिषेक ने बीते दिन ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली. मामले में एएसआई सत्यम शर्मा और मृतक आरक्षक अभिषेक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. हालांकि, फाइनेंशियल इंटेलिजेंस की जांच में करोड़ों के फर्जीवाड़े का खुलासा पहले ही हो चुका था.

जांच में ये सच्चाई आई सामने

जांच में यह भी सामने आया है कि 12 खाताधारक जवानों की भूमिका संदिग्ध हैं. एएसआई और आरक्षक को पहले ही निलंबित किया जा चुका था. फर्जी टीए बिल लगाकर एक ही अवधि में कई बार भुगतान लिया गया. पोर्टल पर ब्लैक एंड व्हाइट फोटो अपलोड कर दस्तावेज सत्यापन में हेराफेरी की जाती थी.

ऐसे किया खेला

आरोपियों ने 2022 से 2025 के बीच अधिकारियों से धोखे से OTP लेकर फर्जी क्लेम पास कराए. विभाग ने कार्रवाई करते हुए खाता धारक पुलिसकर्मियों से लगभग ढाई करोड़ रुपये की राशि वापस जमा कराई है. इस पूरे मामले में पुलिस ने IPC की धारा 420, 467, 468, 471, 120-B और 109 के तहत अपराध दर्ज किया है.

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रांझी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है. घोटाले की परतें खुलने के साथ ही विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है. इस पूरे मामले पर रांझी थाना प्रभारी उमेश गोलहनी ने बताया कि जब अभिषेक झारिया की ट्रेन से कटकर मृत्यु हुई, तो हम लोगों ने सुसाइड और दुर्घटना मानकर उसकी जांच की थी. इस दौरान हत्या के एंगल भी भी जांच की गई थी. हालांकि, अब तक 80% जांच हो चुकी है. अब ऐसा लगता है कि जैसे ही घोटाले की जांच शुरू हुई, उसने घबराकर ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली. बाकी जांच पूरी होने के बाद ही तथ्य सामने आएंगे. 

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