LPG संकट के बीच ऑयल भट्टी ने खत्म की सिलेंडर की टेंशन, आसिफ खान का कबाड़ से कमाल

LPG Crisis Alternative: ईरान-इजरायल तनाव के बीच गैस संकट गहराया, जबलपुर के मैकेनिक ने बेकार इंजन ऑयल से चलने वाली भट्टी बनाकर सस्ता और देसी समाधान पेश किया.

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jabalpur mechanic waste engine oil stove lpg alternative gas Crisis india

LPG Crisis Alternative oil stove: ईरान-इजरायल तनाव के चलते गैस सप्लाई प्रभावित होने से भारत में LPG संकट गहराता जा रहा है. इसी बीच मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक अनोखा देसी समाधान सामने आया है, जहां मैकेनिक आसिफ खान ने कबाड़ से ‘ऑयल भट्टी' तैयार कर दी है, जो जले हुए इंजन ऑयल से चलती है. यह जुगाड़ न सिर्फ रसोई में गैस सिलेंडर की टेंशन कम कर रहा है, बल्कि कम लागत में लोगों को बड़ा विकल्प भी दे रहा है.

दरअसल,  ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जारी जंग को आज 24वां दिन हो गया है. ईरान को स्टेट ऑफ हॉर्मूज खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है. यह समुद्री रास्ता दुनिया के सबसे अहम तेल सप्लाई रूट्स में से एक है. इसके बंद होने से खाड़ी देशों से तेल और गैस लेकर आने वाले जहाज प्रभावित हो रहे हैं. नतीजतन भारत समेत कई देशों में रसोई गैस (LPG) की किल्लत की खबरें सामने आ रही हैं. लोग अब गैस के विकल्प जैसे इंडक्शन, इलेक्ट्रिक स्टोव आदि अपनाने लगे हैं.  

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LPG Crisis मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक अनोखा नवाचार सामने आया है. यहां गुरंदी बाजार के मैकेनिक आसिफ खान ने जुगाड़ तकनीक का इस्तेमाल करते हुए कबाड़ से ऐसी भट्टी तैयार की है, जो गैस की जगह इंजन के जले हुए बेकार ऑयल से संचालित होती है.

उन्होंने खराब पड़ी लोहे की एंगिल, पाइप के टुकड़े, ब्लोअर और पुराने तसले जैसे कबाड़ का उपयोग कर इस भट्टी को तैयार किया है. यह भट्टी न केवल सस्ती है, बल्कि आसानी से तैयार भी की जा सकती है.

बेकार ऑयल का दोबारा उपयोग, लागत में राहत

इस भट्टी की खासियत यह है कि इसमें ईंधन के रूप में जला हुआ इंजन ऑयल इस्तेमाल किया जाता है, जिसे आमतौर पर बेकार समझकर फेंक दिया जाता है. अब इस तकनीक के जरिए उसी ऑयल का दोबारा उपयोग संभव हो गया है. 

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गैस की बढ़ती कीमतों और ईंधन संकट के बीच यह नवाचार एक सस्ता और व्यावहारिक विकल्प बनकर उभरा है. इससे न केवल ईंधन की लागत कम हो रही है, बल्कि कबाड़ और अपशिष्ट के पुनः उपयोग से पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिल रहा है.

बढ़ती मांग और रोजगार के नए अवसर

एमपी जबलपुर के मैकेनिक आसिफ खान का कहना है कि उन्होंने इस भट्टी को पहले प्रयोग के तौर पर तैयार किया था, लेकिन अब इसकी मांग लगातार बढ़ रही है. स्थानीय स्तर पर लोग इस तकनीक में दिलचस्पी दिखा रहे हैं और ऑर्डर देकर ऐसी भट्टी बनवा रहे हैं. यह नवाचार एक ओर जहां बेकार वस्तुओं को उपयोगी बना रहा है, वहीं दूसरी ओर स्वरोजगार का एक नया रास्ता भी खोल रहा है.

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